मेरठ

मोहिउद्दीनपुर बना आदर्श विकास मॉडल, श्रीलंका से आए 40 अफसरों ने किया भ्रमण

— महिलाओं की आत्मनिर्भरता और तकनीकी शिक्षा की हुई सराहना

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
मेरठ। दिल्ली रोड स्थित मोहिउद्दीनपुर गांव मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय चर्चा का केंद्र बन गया, जब श्रीलंका से आए 40 सदस्यीय प्रशासनिक अधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने गांव का भ्रमण किया। यह दल एसडीएम सदर दीक्षा जोशी के नेतृत्व में गांव की विकासात्मक गतिविधियों और आदर्श ग्राम की व्यवस्थाओं का अध्ययन करने पहुंचा।
डॉ. मुकेश कुमार भंडारी, फैकल्टी एवं एसोसिएट कोर्स कोऑर्डिनेटर ने जानकारी दी कि श्रीलंका से आए 40 वरिष्ठ सिविल सर्वेंट्स—जिनमें सीनियर चीफ सेक्रेटरी, एडिशनल इलेक्शन कमिश्नर, एडिशनल सेक्रेटरी, अकाउंटेंट जनरल सहित श्रीलंकाई सरकार के विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों के अधिकारी शामिल थे—ने मेरठ जनपद के मोहिउद्दीनपुर गांव का दौरा किया।
इन अधिकारियों का भारत आगमन गवर्नमेंट ऑफ इंडिया, मिनिस्ट्री ऑफ एक्सटर्नल अफेयर्स के तत्वावधान में मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी के एक विशेष अध्ययन भ्रमण कार्यक्रम के अंतर्गत हुआ है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य भारत की प्रशासनिक, पंचायती राज एवं विकासात्मक नीतियों को अंतरराष्ट्रीय अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत करना है।
कार्यक्रम के अंतर्गत श्रीलंकाई प्रतिनिधिमंडल ने मेरठ ब्लॉक स्थित आदर्श ग्राम मोहिउद्दीनपुर की स्थानीय प्रशासनिक व्यवस्था, पंचायत मॉडल, महिला सशक्तिकरण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन तथा प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की गहन जानकारी ली। इस दौरान अधिकारियों ने गांव में चल रही नवाचारपूर्ण गतिविधियों और धरातल पर प्रभावी विकास कार्यों की सराहना की।
डॉ. भंडारी ने बताया कि यह दौरा भारत की लोकतांत्रिक प्रशासन प्रणाली एवं जमीनी विकास मॉडल को साझा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी है, जिससे अंतरराष्ट्रीय सहयोग और बेहतर प्रशासनिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा।
गांव के प्रधान विजय नामदेव ने प्रतिनिधिमंडल को पीएम श्री मोहिउद्दीनपुर स्कूल का दौरा कराया, जहां आधारशिला, निपुण भारत मिशन, आंगनबाड़ी केंद्र तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित स्मार्ट क्लासरूम की जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि यह तकनीकी सुविधाएं गांव के बच्चों को हाईटेक शिक्षा से जोड़ रही हैं, जो ग्रामीण शिक्षा के क्षेत्र में एक अनूठी पहल है।
इसके पश्चात दल ने कूड़ा संग्रह केंद्र का निरीक्षण किया, जहां ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के माध्यम से बिजली उत्पादन हो रहा है। इस नवाचार के तहत मोहिउद्दीनपुर अब ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर ग्राम बन रहा है। यहां दर्जनों ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं को रोजगार भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
पंचायत भवन में आयोजित संवाद कार्यक्रम में प्रतिनिधिमंडल ने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से मुलाकात की। इन समूहों द्वारा कर्मणि ब्रांड के तहत झाड़ू, चप्पल, अचार, मुरब्बा, सिरका, मसाले आदि निर्माण कर बाज़ार में बेचे जा रहे हैं। यह प्रयास महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सराहनीय कदम है।
एसडीएम सदर दीक्षा जोशी ने बताया कि मोहिउद्दीनपुर जनपद का इकलौता गांव है, जहां बहुआयामी विकास कार्य धरातल पर प्रभावी रूप से क्रियान्वित हो रहे हैं। यह गांव प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
अंत में कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर डॉ. नीरजा  चौधरी ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि आयुष्मान भारत हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (आरोग्य मंदिर) में प्रतिदिन 50 से अधिक रोगियों को नि:शुल्क जांच व दवाइयां दी जा रही हैं। यहां की स्वास्थ्य सेवाएं सराहनीय हैं और ग्रामीणों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ी है।
इस अवसर पर ग्राम प्रधान विजय नामदेव के साथ दिलावर, विनय सांगवान, महिपाल सांगवान, किरण पाल सिंह, जयवीर सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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