खैरथल

प्याज कीमतों में भारी गिरावट को लेकर किसानो में रोष

जिला किसान महापंचायत ने धरना-प्रदर्शन के बाद एडीएम शिवपाल जाट को सौंपा ज्ञापन 

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
 खैरथल : प्याज की लागत के मुकाबले में मिल रही कीमत को लेकर एक बार फिर खैरथल-तिजारा के किसान सरकार के सामने हैं. इस मामले में किसान महापंचायत के जिलाध्यक्ष वीरेन्द्र चौधरी  ने कहा है कि प्याज की कीमतों में भारी गिरावट ने किसानों की कमर तोड़ दी है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों ने किसानों को नुकसान के दलदल में धकेल दिया है. किसान महापंचायत के मुताबिक फरवरी 2019 के बाद सितंबर 2025 में प्याज के दामों में 49.5% की गिरावट दर्ज की गई है, जिसकी पुष्टि खुद ‘उपभोक्ता मूल्य सूचकांक’ ने की है.
किसान को नहीं मिल रही है लागत :चौधरी ने कहा कि महाराष्ट्र जैसे प्रमुख उत्पादन वाले राज्यों में अतिवृष्टि से फसल नष्ट होने के बावजूद सरकारी आंकड़ों में प्याज की अधिक आपूर्ति को गिरावट का कारण बताया जा रहा है, जबकि सच्चाई यह है कि किसान अपनी उपज का लागत मूल्य भी नहीं निकाल पा रहे हैं. सरकार के अनुसार एक किलो प्याज की उत्पादन लागत 8 से 10 रुपये है, जबकि किसानों के अनुसार यह लागत 18 से 20 रुपये प्रति किलो पड़ती है. इसके बावजूद किसानों को खैरथल मंडी में मात्र 5 रुपये प्रति किलो फसल बेचने के लिए विवश होना पड़ा रहा है भाव नही मिलने से बहुत से किसान तो अपना माल वापस लेकर घर जाते नजर आये

 किसानों ने बताया पिछले कई हफ्तों से प्याज के भाव लागत से भी नीचे चल रहे हैं, जिससे किसान अपनी मेहनत के उचित मूल्य से वंचित हैं। उन्होंने कहा कि किसानों के धैर्य की अब सीमा टूट चुकी है, इसलिए मंडी सचिव कार्यालय के सामने सुबह 11 बजे से धरना प्रदर्शन दिया गया। इसके बाद अति. जिला कलक्टर को ज्ञापन भी सौंपा गया।किसान महापंचायत के पदाधिकारियों ने 11दिन पहले भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौपा था और किसानो को राहत देने की मांग की थी फिर भी कोई सुनवाई नही हुई है किसान को फिर धरना-प्रदर्शन करना पड़ा है

इस धरने में जिलेभर के किसान, ग्राम समितियों के अध्यक्ष, महामंत्री, तहसील स्तरीय पदाधिकारी और कार्यकारिणी सदस्य बड़ी संख्या में भाग लिया। कार्यक्रम में किसानों की मुख्य मांग प्याज पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) लागू करने की रहेगी। इसके साथ ही प्याज खरीद के लिए स्थायी मंडी की व्यवस्था, भंडारण की उचित सुविधा और बिचौलियों पर रोक जैसे मुद्दों पर भी रणनीति बनाई गई ।

धरना स्थल पर किसान महापंचायत के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रोहतास बोहरा, प्रदेशाध्यक्ष मुसद्दीलाल यादव और प्रदेश मीडिया प्रभारी सुरेश बिजारनिया विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। महापंचायत का कहना है कि अगर सरकार ने किसानों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन को प्रदेश स्तर तक विस्तार दिया जाएगा।

धरना-प्रदर्शन मे वीरसिंह ढ़िल्लन, कृष्ण चौधरी निक्की प्रजापत, दीपक चौधरी, नारायण छंगाणी सहित हरसौली,खैरथल,कोटकासिम, ततारपुर, नंगली सहित अन्य गांवो से किसान मौजूद रहे
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