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यह लोकतंत्र नहीं, झुंडशाही है

चुनाव से पहले ठाकरे बंधुओं की साझा हुंकार; धांधली के लगाए आरोप

मुंबई । बीएमसी चुनाव से पहले मुंबई की सियासत गरमा गई है। उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे एक मंच पर आए और सत्ता पक्ष पर लोकतंत्र कमजोर करने के गंभीर आरोप लगाए।
मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनावों से पहले महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) अध्यक्ष राज ठाकरे ने संयुक्त प्रेस वार्ता कर सत्ताधारी गठबंधन और चुनावी प्रक्रिया पर तीखा हमला बोला। इस दौरान दोनों नेताओं ने जल्द ही अपना संयुक्त चुनावी घोषणा पत्र जारी करने की घोषणा भी की।
यह लोकतंत्र नहीं, झुंडशाही है
उद्धव ठाकरे ने कहा अब यह लोकतंत्र नहीं रहा, यह झुंडशाही बन चुका है। पहले वोट चोरी होती थी, अब उम्मीदवार ही चुरा लिए जा रहे हैं। अगर हम रंगे हाथों भी पकड़ लें, तब भी कोई कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि वे खुद को पौराणिक उपलब्धियों से जोड़ते हैं, लेकिन वर्षों पहले समुद्र में पूजा करने के बावजूद छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा आज तक सामने नहीं आई। उद्धव ठाकरे ने चुनाव आयोग को खुली चुनौती देते हुए कहा कि सभी रिटर्निंग अधिकारियों के कॉल रिकॉर्ड सार्वजनिक किए जाएं, ताकि सच सामने आ सके।
राहुल नार्वेकर पर गंभीर आरोप-उद्धव ठाकरे ने विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति का खुलेआम उम्मीदवारों और मतदाताओं को धमकाना बेहद चौंकाने वाला है। उन्होंने कहा कि राहुल नार्वेकर को तुरंत निलंबित किया जाना चाहिए और उनके खिलाफ मामला दर्ज होना चाहिए।
उद्धव ने आरोप लगाया कि विधानसभा अध्यक्ष विधानसभा के बाहर अधिकारियों को नेताओं की सुरक्षा हटाने का निर्देश नहीं दे सकते। उन्होंने कहा कि निर्विरोध उम्मीदवारों को जिताकर मतदाताओं से वोट का अधिकार छीना गया है और ऐसे सभी स्थानों पर उपचुनाव होने चाहिए।
राज ठाकरे का भाजपा पर पलटवार-मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने कहा कि भाजपा ने पश्चिम बंगाल में निर्विरोध चुने गए उम्मीदवारों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, लेकिन अब महाराष्ट्र में वही पार्टी इस पर चुप क्यों है। राज ठाकरे ने चेतावनी देते हुए कहा कोई भी सत्ता स्थायी नहीं होती। जो सोचते हैं कि वे कभी सत्ता से बाहर नहीं होंगे, उन्हें फिर से सोचना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि महाराष्ट्र को उत्तर प्रदेश और बिहार की राह पर ले जाया जा रहा है, जबकि महाराष्ट्र ने हमेशा देश को दिशा दिखाई है। राज ठाकरे ने कहा कि राजनीति में आने वाले लोग अब विचारधाराएं बदलने लगे हैं, जो लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है।

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