बेतुल

खबर का असर बैतूल में पत्रकारों की ऐतिहासिक जीत 

सत्य की आवाज़ हुई बुलंद, झुकी सत्ता की वर्दी!

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बैतूल यह सिर्फ एक प्रशासनिक आदेश नहीं, बल्कि सत्य की ऐतिहासिक विजय है।
पत्रकारों के साहस, एकता और अडिग संघर्ष ने आखिरकार सत्ता की वर्दी को झुकने पर मजबूर कर दिया।
थाना कोतवाली प्रभारी सत्यप्रकाश सक्सेना द्वारा पत्रकार जंकी शाह के उत्पीड़न मामले में उठी आवाज़ अब इंसाफ की मिसाल बन गई है।
पत्रकारों के लगातार धरना, विरोध और सत्य की लड़ाई के आगे पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन एएसपी कमला जोशी को कार्रवाई करनी पड़ी और देर रात उन्होंने आदेश जारी कर कोतवाल सत्यप्रकाश सक्सेना को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया। अब गंज थाना प्रभारी नीरज पाल को नया कोतवाली प्रभारी नियुक्त किया गया है। यह फैसला न केवल पत्रकार समुदाय के लिए राहत की खबर है, बल्कि बैतूल की पत्रकारिता इतिहास में एक ऐतिहासिक मोड़ भी है।
धरना स्थल पर जनसैलाब और विजय की गर्जना
कल दोपहर से ही एसपी ऑफिस के बाहर पत्रकारों का अनवरत धरना जारी था। रात तक भी पत्रकार डटे रहे शांतिपूर्वक लेकिन दृढ़ता से। देर रात एसपी वीरेंद्र जैन एएसपी कमला जोशी एसडीओपी सुनील लाटा तत्कालीन गंज थाना प्रभारी नीरज पाल खुद पहुंचे, संवाद हुआ, और उन्होंने जांच व न्याय का आश्वासन दिया। सुबह होते ही आदेश जारी होते ही पूरे बैतूल में पत्रकार एकता की गूंज फैल गई।
पत्रकारों में उल्लास असत्य पर सत्य की जीत जैसे ही कोतवाल को हटाए जाने की खबर आई, मीडिया सेंटर में पत्रकारों ने पटाखे फोड़कर खुशी जताई।
पत्रकारों ने कहा 
यह जीत किसी एक व्यक्ति की नहीं, यह हर उस पत्रकार की जीत है जिसने सच्चाई की कीमत पर भी सच्चाई से समझौता नहीं किया। कई राजनीतिक विपक्षी दल और संयुक्त पत्रकार संगठनों एवं सामाजिक संगठनों ने पत्रकारों के आंदोलन को खुला समर्थन दिया आम आदमी पार्टी से अजय सोनी भीम आर्मी जिला अध्यक्ष वीरेंद्र कापसे, भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के पूर्व जिला अध्यक्ष भवानी गांवंडे ने उनके समर्थकों के साथ धरना स्थल पर पहुंचे और कांग्रेस नेता ऋषि दीक्षित ने भी मंच से पत्रकारों के पक्ष में आवाज़ बुलंद की सभी नेताओं ने एक स्वर में कहा पत्रकारों की आवाज़ को दबाने की कोशिश लोकतंत्र के चौथे स्तंभपर सीधा प्रहार है, हम पत्रकारों के साथ हैं और न्याय तक यह संघर्ष जारी रहेगा पत्रकार संगठनों में प्रेस क्लब ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट (PCWJ) सहित अन्य सभी पत्रकार संघों ने इसे सत्य की जीत और पत्रकार एकता की मिसाल बताया।
संगठनों ने जताया आभार
पत्रकारों ने एसपी वीरेंद्र जैन एएसपी कमला जोशी एसडीओपी सुनील लाटा का आभार जताते हुए कहा कि उन्होंने न्याय और निष्पक्षता की मिसाल पेश की है।
साथ ही राजनीतिक विपक्षी दल और संयुक्त पत्रकार संगठनों एवं सामाजिक संगठनों ने पत्रकारों के आंदोलन को खुला समर्थन दिया आम आदमी पार्टी से अजय सोनी भीम आर्मी जिला अध्यक्ष वीरेंद्र कापसे, भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के पूर्व जिला अध्यक्ष  भवानी गांवंडे ने उनके समर्थकों के साथ धरना स्थल पर पहुंचे और कांग्रेस नेता ऋषि दीक्षित ने भी मंच से पत्रकारों के पक्ष में आवाज़ बुलंद की सभी नेताओं ने एक स्वर में कहा पत्रकारों की आवाज़ को दबाने की कोशिश लोकतंत्र के चौथे स्तंभपर सीधा प्रहार है, हम पत्रकारों के साथ हैं और न्याय तक यह संघर्ष जारी रहेगा प्रेस क्लब PCWJ के जिला अध्यक्ष इरशाद खान और संगठन के संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट डॉ. सैय्यद खालिद कैस का भी विशेष आभार व्यक्त किया, जिनके नेतृत्व और दृढ़ता से पत्रकारों की यह लड़ाई जीत में बदल गई।
 बैतूल के इतिहास में पहली बार वर्दी झुकी, कलम जीती!
माना जा रहा है कि बैतूल में यह पहला ऐसा मामला है जब पत्रकारों के एकजुट संघर्ष ने पुलिस प्रशासन को झुकने पर मजबूर कर दिया।
यह जीत सिर्फ एक इंसाफ नहीं — यह चेतावनी भी है कि अब पत्रकारिता पर दबाव, उत्पीड़न और तानाशाही नहीं चलेगी।
सत्य दबाया जा सकता है, हराया नहीं जा सकता।
बैतूल के पत्रकारों ने एक बार फिर साबित कर दिया जब कलम एकजुट होती है, तो सबसे ऊँची कुर्सी भी जवाबदेह हो जाती है।
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