गाजियाबाद
तोगड़िया बोले,अब पूरे देश को एकजुट होकर करना होगा किसान आंदोलन
सरकार कर रही है किसान हितों की अनदेखी

राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन की होगी तैयारी
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी गाजियाबाद : किसानों की मांगों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने के लिए डॉ. प्रवीण तोगड़िया देशभर में जागरूकता अभियान चलाएंगे। यह घोषणा नोएडा के छजारसी गांव में आयोजित भारतीय किसान यूनियन “अनाज” की बैठक के दौरान की गई। बैठक का आयोजन संगठन के राष्ट्रीय सचिव सोहनलाल शर्मा द्वारा किया गया था। उन्होंने पदाधिकारियों की सहमति के बाद अंतरराष्ट्रीय हिन्दू परिषद व राष्ट्रीय बजरंग दल के संस्थापक अध्यक्ष तथा राम मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे डॉ. प्रवीण तोगड़िया को विशेष रूप से आमंत्रित किया, जिसे स्वीकार करते हुए तोगड़िया किसान पंचायत में शामिल हुए। इस दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित सचिन शर्मा और राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष बिन्नू आधान ने उनका स्वागत किया।
किसानों को संबोधित करते हुए डॉ. तोगड़िया ने कहा कि वर्तमान समय में किसानों की आर्थिक स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई है। उनका आरोप था कि सरकार लगातार किसान हितों की उपेक्षा कर रही है और आज किसान की आमदनी एक दिहाड़ी मजदूर से भी कम रह गई है। उन्होंने कहा कि केवल किसान ही नहीं, बल्कि उनके बच्चों का भविष्य भी खतरे में पड़ता जा रहा है। तोगड़िया ने यह भी सवाल उठाया कि किसानों की जमीन पर बने हाईवे पर उनके ट्रैक्टर तक ले जाने पर रोक लगाना समझ से परे है।
एमएसपी पर कानून न बनाने को उन्होंने किसानों के साथ अन्याय करार दिया। उन्होंने कहा कि छोटी-सी फैक्ट्री का मालिक अपने उत्पाद का मूल्य स्वयं तय करता है, जबकि किसान अपनी फसल का उचित दाम तक नहीं पा रहा। न्यूनतम समर्थन मूल्य तय होने के बावजूद सरकार इसे लागू कराने में नाकाम रही है। उन्होंने याद दिलाया कि 2020 के किसान आंदोलन में कुछ प्रदेशों के किसानों ने एकजुट होकर सरकार को झुकने पर मजबूर किया था, लेकिन अब पूरे देश को एक स्वर में आंदोलन करना होगा। इसके लिए वे विभिन्न राज्यों के किसानों के बीच जाकर जागरण अभियान चलाएंगे।
तोगड़िया ने कहा कि वे देश के अधिकांश गांवों में पहुंचकर किसानों को संगठित करेंगे और कई किसान संगठनों के साथ मिलकर एक बड़े राष्ट्रीय सम्मेलन के आयोजन में योगदान देंगे।
किसान यूनियन “अनाज” के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित सचिन शर्मा ने भी सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद सहित कई जिलों में किसान अपनी 10% और 64% हिस्सेदारी से जुड़ी मांगों को लेकर लंबे समय से आंदोलनरत हैं, लेकिन सरकार ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों का धैर्य जवाब दे गया, तो हालात संभालना मुश्किल हो जाएगा।
शर्मा ने कहा कि पुलिस, सेना और पैरामिलिट्री बलों में भी किसान परिवारों के ही युवा कार्यरत हैं, फिर भी सरकार किसानों को उन्हीं के सामने खड़ा कर आंदोलन दबाने का प्रयास करती है। उन्होंने कहा कि अब यह स्थिति ज्यादा समय तक नहीं चल सकती। सरकार को किसानों के उत्पीड़न तथा पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली नीतियों पर पुनर्विचार करना होगा, वरना उसके परिणामों की जिम्मेदारी भी उसी की होगी।
बैठक में राष्ट्रीय महासचिव शर्मा यादव, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ग़ज़ब भाटी सहित कई पदाधिकारियों ने भी अपने विचार रखे और जल्द ही आगामी रणनीति घोषित करने की बात कही। कार्यक्रम में विभिन्न स्तरों के प्रतिनिधियों के साथ बड़ी संख्या में किसानों ने हिस्सा लिया।
किसान बैठक में शर्मा यादव,गजब भाटी, नरोत्तम शर्मा पत्रकार,करण वालिया,सनी सैन,सौरभ चंदेला, धर्मबीर यादव, फुरकान अहमद, कुलदीप नागर, मनोज गूर्जर, राहुल गूर्जर, कुलदीप नागर, गोपाल सिंह के अलावा सैकड़ों किसानों ने भाग लिया
