गोड्डा
अतिवृष्टि से उत्पन्न स्थिति से बचाव हेतु जिले के वरीय पदाधिकारियों की हुई बैठक

गोड्डा : उपायुक्त अंजली यादव एवं पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार की संयुक्त अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिले में अतिवृष्टि से उत्पन्न स्थिति के बचाव हेतु जिला स्तरीय, अनुमंडल एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान भारी बारिश, वज्रपात व अन्य प्राकृतिक आपदाओं को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने कहा कि जिले में अतिवृष्टि दौरान आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन किए जाएं। जिला में दो दिनों से भारी बारिश हो रही है जिससे नदी-नालेे उफान पर हैं, इस वजह से आवश्यक सावधानी नहीं बरतने से जान-माल के नुकासान का खतरा बना रहता है़ संबंधित प्रखंडों की प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारी को अपने-अपने क्षेत्र में ऐसे खतरा वाले स्थान को चिह्नित करने और उसकी मार्किंग कर वहां सूचना पटट् व बैरिकेटिंग लगाने के निर्देश दिए गए।
लोगों में भ्रम की स्थिति नहीं पैदा हो जिसके लिए अत्यधिक बहाव वाले नदी-नालों, पुल-पुलिया आदि स्थानों पर लोगों को आगाह करने व आवश्यक कार्रवाई करने के लिए कर्मियों की प्रतिनियुक्ति किए जाएं। संबंधित ग्रामीणों के चौकीदार आसपास के ग्रामीणों के संपर्क में रहें ताकि किसी प्रकार की सूचना प्राप्त होने पर त्वरित कार्रवाई की जा सके। संभव हो तो उस समय जब किसी नदी-नाले में बहाव अत्यधिक हो तो उसमें बने पुल-पुलिया के जरिये होने वाले आवागमन को तुरंत रोक दिए जाएं।
उपायुक्त ने अत्यधिक बारिश की स्थिति में लोगों से अपील की की अत्यधिक बारिश होने की स्थिति में बिना कारण घरों से ना निकलें। किसी भी प्रकार की सूचना तुरंत पंचायत स्तर तक पहुंचाए जाएं। सिविल सर्जन अनंत कुमार झा को निर्देश दिए गए कि संबंधित स्वास्थ्य केन्द्रों में किसी प्रकार की अप्रिय घटना होने की स्थिति में चिकित्सीय सहायता प्रदान करने के लिए जिला व प्रखंड स्तर पर क्विक रिस्पॉन्स टीम गठित किए जाएं। उन्होंने विभिन्न प्रखंडों के अलावा सुंदरपहाड़ी एवं बोआरीजोर प्रखंड अंतर्गत कुआं एवं चापाकल से पानी के इस्तेमाल करने वालों को पानी साफ करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली दवाईयों की जानकारी का प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया। आपदा प्रबंधन पदाधिकारी को जिला में किसी प्रकार की आपदा से निबटने और इसके लिए अपने कार्यबल को तैयार रहने का निर्देश दिया गया साथ ही वज्रपात से संबंधित एडवाइजरी जारी करने, सुंदर डैम का मॉनिटरिंग करने, बिजली विभाग के द्वारा पावर ट्रांसफार्मर का मेंटेनेंस करने , संबंधित थाना प्रभारी को ट्यूब एवं रस्सी उपलब्ध कराने, स्वास्थ्य विभाग के द्वारा डायरिया हेतु छिड़काव करने एवं नगर परिषद के माध्यम से ड्रेन क्लीनिंग करने के निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने आम लोगों से अपील की है कि अतिवृष्टि से जिन लोगों का घर क्षतिग्रस्त हुआ है वे अपने संबंधित प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि के माध्यम से जिला प्रशासन को सूचित कर सकते हैं। साथ ही प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारी को निर्देश दिए गए की पीड़ित परिवार के अस्थायी आवासन व अन्य मूलभूत सुविधाएं तत्काल राहत अंतर्गत उन्हें मुहैया कराए जाएं ताकि पीडित परिवारों की मदद की जा सके। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान मौके पर उपविकास आयुक्त दीपक कुमार दुबे, अपर समाहर्ता प्रेमलता मुर्मू, अनुमंडल पदाधिकारी गोड्डा, बैद्यनाथ उरांव, अनुमंडल पदाधिकारी महागामा, आलोक वरण केसरी, सिविल सर्जन डॉ० अनंत कुमार झा, जिला नजारत उप समाहर्ता श्रवण राम, नगर प्रशासक सह जिला जनसंपर्क पदाधिकारी आशीष कुमार सहित संबंधित प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारी मौजूद थे।




