
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पुलिस ने एक सनसनीखेज एनकाउंटर में कुख्यात अपराधी और एक लाख रुपये के इनामी गुरु सेवक को मार गिराया। गुरु सेवक पर कैब चालक योगेश पाल की हत्या और लूट के साथ-साथ एक सप्ताह में दो कैब चालकों की हत्या का आरोप था। यह एनकाउंटर शनिवार देर रात आगरा एक्सप्रेसवे के जीरो पॉइंट की सर्विस लेन पर हुआ, जब पुलिस वाहनों की चेकिंग कर रही थी।
घटना का विवरण
लखनऊ पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि गुरु सेवक और उसका गिरोह लूटी गई टोयोटा अर्टिगा कार को बेचने के लिए आगरा एक्सप्रेसवे की ओर जा रहा है। रात करीब 11:30 बजे पारा थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने जीरो पॉइंट पर नाकाबंदी की। जैसे ही गुरु सेवक की कार दिखाई दी, पुलिस ने उसे रोकने का इशारा किया। लेकिन, उसने भागने की कोशिश की और पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोली चलाई, जिसमें गुरु सेवक गंभीर रूप से घायल हो गया और मौके पर उसकी मौत हो गई। उसके दो साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।
बरामद सामान और आपराधिक इतिहास
घटनास्थल से पुलिस ने एक 32 बोर की देशी पिस्तौल, चार जिंदा कारतूस, दो खाली खोखे, लूटी गई अर्टिगा कार (रजिस्ट्रेशन नंबर UP 32 EK 0468), और 15 हजार रुपये नकद बरामद किए। गुरु सेवक के खिलाफ लखनऊ और आसपास के जिलों में हत्या, लूट और अवैध हथियार रखने के 12 आपराधिक मामले दर्ज थे। वह हरदोई का निवासी था और अपने गिरोह के साथ मिलकर कैब चालकों को निशाना बनाता था।
योगेश पाल हत्याकांड
29 सितंबर 2025 को पारा थाना क्षेत्र के बुदेश्वर निवासी 35 वर्षीय कैब चालक योगेश पाल की निर्मम हत्या कर दी गई थी। गुरु सेवक और उसके साथी अजय सिंह ने योगेश को लूटने के इरादे से रोका और विरोध करने पर तीन गोलियां मारीं, जिसमें उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद अपराधियों ने कार, 50 हजार रुपये नकद और मोबाइल फोन लूट लिया। एक सप्ताह पहले भी गुरु सेवक गिरोह ने एक अन्य कैब चालक की हत्या की थी।
पुलिस का आधिकारिक बयान
जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (क्राइम) अखिल कुमार पाठक ने बताया, “गुरु सेवक एक खूंखार अपराधी था, जिसने कैब चालकों को निशाना बनाकर लखनऊ में दहशत फैला रखी थी। एनकाउंटर आत्मरक्षा में किया गया। फरार साथियों की तलाश के लिए 10 टीमें गठित की गई हैं, जो जल्द उन्हें गिरफ्तार करेंगी।” पुलिस ने यह भी बताया कि गुरु सेवक के शव को पोस्टमार्टम के लिए बलरामपुर अस्पताल भेजा गया है, और फॉरेंसिक जांच जारी है। गुरु सेवक के साथी अजय सिंह को 10 अक्टूबर को उन्नाव में एक अन्य एनकाउंटर में घायल कर गिरफ्तार किया गया था। उसकी निशानदेही पर ही गुरु सेवक तक पुलिस पहुंची। अजय वर्तमान में रानी लक्ष्मीबाई अस्पताल में उपचाराधीन है।
प्रभाव और आगे की रणनीति
इस एनकाउंटर से कैब चालकों में राहत की लहर है, जो हाल के दिनों में बार-बार अपराधियों का शिकार बन रहे थे। पुलिस ने आगरा एक्सप्रेसवे और आसपास के क्षेत्रों में चेकिंग तेज कर दी है। फरार अपराधियों की धरपकड़ के लिए सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी निगरानी का सहारा लिया जा रहा है। उत्तर प्रदेश पुलिस की यह कार्रवाई योगी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का हिस्सा है। 2025 में अब तक 150 से अधिक एनकाउंटर हो चुके हैं, जो संगठित अपराध पर नकेल कसने की दिशा में एक बड़ा कदम है। लखनऊ पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत हेल्पलाइन नंबर 112 पर दें।




