चेक बाउंस मामले में दोषी को एक साल की सजा, पांच लाख रुपये जुर्माना

बड़ौत/बागपत : ग्राम न्यायालय बड़ौत के न्यायाधीश प्रवीण कुमार प्रियदर्शी ने चेक बाउंस के एक मामले में फैसला सुनाते हुए आरोपी सौरभ कुमार निवासी जनकपुरी, दिल्ली को दोषी करार दिया। अदालत ने आरोपी को एक वर्ष की सश्रम कारावास तथा पांच लाख रुपये का अर्थदंड अदा करने की सजा सुनाई है। अर्थदंड न अदा करने की स्थिति में सजा छह माह और बढ़ाई जाएगी।
मकान खरीदने के नाम पर लिए थे ढाई लाख रुपये
वादी वरुण चौहान पुत्र कृष्णपाल निवासी ग्राम बड़का (बड़ौत) ने बताया कि आरोपी सौरभ कुमार से उनकी पारिवारिक जान-पहचान और मित्रता थी। जनवरी 2018 में सौरभ ने दिल्ली में मकान खरीदने के लिए वरुण से ढाई लाख रुपये उधार लिए, जिसे छह महीने के भीतर लौटाने का वादा किया गया था।
लेकिन तय समय बीतने के बाद भी रकम वापस नहीं की गई। दबाव डालने पर सौरभ कुमार ने 23 अगस्त 2018 को ढाई लाख रुपये का एक चेक इंडसइंड बैंक शाखा, जनकपुरी (नई दिल्ली) का दिया। जब वादी ने चेक बैंक में प्रस्तुत किया तो वह हस्ताक्षर भिन्न होने के कारण बाउंस हो गया।
पांच वर्षों तक चली सुनवाई, हाईकोर्ट ने दिए थे निर्देश
वादी के अधिवक्ता अंकुर वर्मा ने बताया कि चेक बाउंस के मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 138 एनआई एक्ट के तहत वाद पहले बागपत सीजेएम कोर्ट में चला, जिसे बाद में ग्राम न्यायालय बड़ौत स्थानांतरित कर दिया गया।
वाद के लम्बित रहने पर वादी ने उत्तर प्रदेश हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। हाईकोर्ट ने 19 नवंबर 2024 को छह महीने के भीतर वाद का निस्तारण करने का आदेश दिया। इसी के अनुपालन में न्यायालय ने सुनवाई पूरी कर सौरभ कुमार को दोषसिद्ध करार दिया और एक वर्ष की कैद व अर्थदंड की सजा सुनाई।
- आरोपी: सौरभ कुमार, निवासी जनकपुरी, दिल्ली
- वादी: वरुण चौहान, ग्राम बड़का, बड़ौत
- उधार राशि: ₹2.5 लाख, मकान खरीदने के लिए
- चेक बाउंस तिथि: 23 अगस्त 2018
- अदालत का फैसला: 1 साल कैद + ₹5 लाख जुर्माना
- जुर्माना न देने पर: 6 माह अतिरिक्त कैद



