
लोनी नगर पालिका परिषद के वार्ड 33 में सफाई व्यवस्था पर उठे सवाल, ठेका कंपनी पर लापरवाही के आरोप
नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।
लोनी गाजियाबाद : नगर पालिका परिषद लोनी के वार्ड संख्या 33 स्थित एफ ब्लॉक एसएलएफ वेद बिहार में सेंट मेरी पब्लिक स्कूल के पास पड़े कूड़े के ढेर से स्थानीय नागरिकों में भारी रोष व्याप्त है। स्कूल के आसपास फैली गंदगी और दुर्गंध के कारण क्षेत्र में मच्छर और मक्खियों का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा मंडराने लगा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूल में पढ़ने वाले छोटे बच्चों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सुबह-शाम स्कूल आने-जाने वाले बच्चों और अभिभावकों को गंदगी, बदबू और उड़ती धूल से गुजरना पड़ता है। क्षेत्रवासियों के अनुसार यहां लंबे समय से सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है, लेकिन नगर पालिका परिषद और संबंधित अधिकारियों द्वारा समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा।
ठेका कंपनी पर नियमों की अनदेखी के आरोप
क्षेत्र में सफाई व्यवस्था का ठेका हाल ही में ए बी ए इनवायरो प्राइवेट लिमिटेड को दिया गया है। आरोप है कि टेंडर की शर्तों के अनुसार कंपनी के पास न तो पर्याप्त सफाई कर्मचारी हैं और न ही जरूरी संसाधन उपलब्ध हैं। इसके बावजूद कंपनी को सफाई कार्य का ठेका दे दिया गया।
सूत्रों के अनुसार नगर पालिका परिषद की बोर्ड बैठक में भी सफाई कार्य के ठेके को लेकर सांठगांठ और मिलीभगत के आरोप लगे थे। विपक्षी पार्षदों और कुछ जनप्रतिनिधियों ने सवाल उठाए थे कि जब कंपनी आवश्यक मानकों पर खरी नहीं उतर रही, तो उसे काम कैसे सौंपा गया। हालांकि इन आरोपों के बावजूद ठेका प्रक्रिया को मंजूरी दे दी गई।
जनता परेशान, अधिकारी मौन
क्षेत्रीय नागरिकों का कहना है कि सफाई व्यवस्था बदहाल होने के बावजूद अधिकारियों का रवैया उदासीन बना हुआ है। लोगों का आरोप है कि कंपनी पर अधिकारियों का “आशीर्वाद” होने के कारण शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जा रही।
स्थानीय निवासी बताते हैं कि जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं, नालियों की नियमित सफाई नहीं हो रही और कूड़ा उठान की व्यवस्था भी पूरी तरह चरमरा चुकी है। बरसात के मौसम में हालात और अधिक खराब होने की आशंका जताई जा रही है।
बीमारी फैलने का बढ़ा खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि गंदगी और जलभराव के कारण डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ जाता है। स्कूल के पास गंदगी होने से बच्चों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर असर पड़ सकता है।
आखिर कब मिलेगी राहत?
अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर जनता कब तक इन समस्याओं से जूझती रहेगी। सफाई व्यवस्था में सुधार और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर क्षेत्रीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। नागरिकों ने नगर पालिका परिषद से तत्काल कूड़ा हटाने, नियमित सफाई व्यवस्था लागू करने और ठेका प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।




