वाह रे सिस्टम: छात्रावास के लिए जारी 10 लाख सिर्फ कागजों पर हुए खर्च
जांच में खुलासा; अधीक्षिका पर गिरी गाज

लखनऊ : छात्रावास के लिए जारी 10 लाख कागजों पर ही खर्च हो गए। 7 जुलाई को मुरादाबाद में छात्रों ने मंत्री से शिकायत की थी। इसके बाद जांच रिपोर्ट में खुलासे के बाद अधीक्षिका को निलंबित कर दिया गया है। मंत्री ने जिला समाज कल्याण अधिकारी के खिलाफ भी जांच के निर्देश दिए।
यूपी के मुरादाबाद में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित राजकीय अनुसूचित जाति छात्रावास के रखरखाव के लिए 10 लाख रुपये सिर्फ कागजों पर खर्च कर दिए गए। उससे जमीन पर कोई कार्य नहीं कराया गया। मामले में छात्रों की शिकायत पर समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतन्त्र प्रभार) असीम अरुण ने जांच कराई। जांच रिपोर्ट के आधार पर अधीक्षिका प्रवेश कुमारी को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही जिला समाज कल्याण अधिकारी के खिलाफ भी जांच के निर्देश दिए गए हैं।
मंत्री असीम अरुण ने 7 जुलाई को मुरादाबाद के एक छात्रावास में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान राजकीय अनुसूचित जाति छात्रावास के छात्रों ने उनसे कई शिकायतें की। शिकायतों का संज्ञान लेते हुए उन्होंने जांच के निर्देश दिए। मामले में मेरठ मंडल की उपनिदेशक सुनीता यादव ने 10 जुलाई को छात्रावास पहुंचकर जांच की।
जांच में उन्होंने पाया कि मार्च में 14 कैमरे कागजों में तो खरीद लिए गए, लेकिन लगाए नहीं गए। जांच अधिकारी के पहुंचने से पहले 9 जुलाई को कैमरे लगाए गए थे। इसी तरह 42 इंच का टीवी भी मार्च में ही लगना कागजों में बताया गया। लेकिन, टीवी 7 जुलाई को लगाया गया। इतना ही नहीं कमरों, खिड़कियों की पुताई, मुख्य गेट की मरम्मत और पुताई के काम में भी गड़बड़ी मिली। इसके बाद निलंबन की कार्रवाई की गई।



