हापुड़

गरीब महिला की पुकार सुन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और हापुड डीएम ने दिखाई संवेदनशीलता…

मासूम की कक्षा दो से दस तक की स्कूल फीस डीएम अभिषेक पांडे ने जमा कराई ..

नेशनल प्रेस टाइम्स , ब्यूरो

जर्जर घर की मरम्मत के अधिकारियों को दिए आदेश…
पीड़ित महिला ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लखनऊ में जनसुनवाई में लगाई थी गुहार ….

हापुड – बच्चे के कक्षा दो में एडमिशन के साथ पढ़ाई को लेकर चिंतित हापुड की एक गरीब महिला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लखनऊ में जनसुनवाई में मिलने पहुंची थी । जनसुनवाई में पहुंची महिला से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उसकी बात सुनी और सीएम से आश्वासन मिलने के बाद हापुड़ डीएम अभिषेक पांडे से कार्यालय पर मिली । हापुड डीएम ने महिला के बच्चे की स्कूल फीस कक्षा 10 तक जमा करने के लिए निर्देश दिए हैं । इसके साथ ही डीएम अभिषेक पांडे ने गरीब महिला के घर की मरमत  करने के लिए अधिकारियों को दिशा निर्देश दे दिए ।

जानकारी के अनुसार हापुड़ की एक गरीब विधवा महिला बबीता निवासी ग्राम शाहपुर जट्ट ने अपने बच्चे के बेहतर भविष्य के लिए लखनऊ मे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा होने वाली जनसुनवाई तक अपनी बात पहुंचाई और मुख्यमंत्री से आश्वासन मिलने बाद हापुड डी एम अभिषेक पांडे  से उनके कार्यालय में मिली । डीएम ने तत्काल महिला की मदद के लिए आदेश जारी कर दिए । हापुड़ की इस गरीब महिला बबीता के पति का स्वर्गवास हो चुका है , घर में कोई कमाने वाला भी नहीं है तथा मकान भी जर्जर स्थिति में है । आर्थिक तंगी के कारण वह अपने बच्चे को कक्षा दो में दाखिला दिलाने में भी असमर्थ थी। अपनी व्यथा लेकर वह लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री की जनसुनवाई में पहुंची, जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उसकी बात सुनी और बच्चे के भविष्य के प्रति उसकी चिंता को देखकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल कार्यवाही के निर्देश दे दिए । जिसके बाद आज पीड़ित महिला हापुड के डीएम अभिषेक पांडे से मिली । डीएम अभिषेक पांडे ने न केवल महिला की बात को गंभीरता से सुना, बल्कि मानवता का परिचय देते हुए बच्चे की पढ़ाई के लिए एक बड़ा कदम उठाया। डीएम अभिषेक पांडे ने बच्चे की दसवीं कक्षा तक की फीस जमा कराने और मकान की मरम्मत कराने का अधिकारियों को निर्देश दे दिया । डीएम अभिषेक पांडे का यह फैसला उस बच्चे के लिए एक नई उम्मीद की किरण बनकर आया, जिसके लिए शिक्षा का रास्ता आर्थिक तंगी के कारण बंद होता नजर आ रहा था।

हापुड की यह घटना एक मिसाल है कि कैसे सरकार और जिला प्रशासन जरूरतमंदों की आवाज को सुनने के लिए तत्पर हैं। यह कदम न केवल प्रशासन की जवाबदेही को दर्शाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि कैसे एक संवेदनशील प्रशासनिक अधिकारी समाज के कमजोर वर्ग के लिए उम्मीद का प्रतीक बन सकता है। डीएम अभिषेक पांडे का यह प्रयास न केवल उस महिला और उसके बच्चे के लिए एक नई शुरुआत है, बल्कि यह समाज के उन तमाम लोगों के लिए भी प्रेरणा है, जो अपनी समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन पर भरोसा करते हैं। इस घटना से यह संदेश भी जाता है कि सरकार और प्रशासन जरूरतमंदों के साथ खड़े हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और डीएम अभिषेक पांडे जैसे अधिकारियों की संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई ने एक बार फिर साबित किया है कि सही दिशा में उठाया गया एक कदम किसी के जीवन को पूरी तरह बदल सकता है।

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