मेरठ
प्री-पेड मीटर की विसंगतियों की दूर करने की मांग को लेकर ज्ञापन

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
मेरठ। उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के तत्वाधान में आज मेरठ, मवाना, फलावदा, खरखौदा और बहसूमा के सैकड़ों व्यापारियों ने प्रीपेड मीटर की विसंगतियों और बीस साल पुराने मामलों में आरसी जारी किये जाने के खिलाफ पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के कार्यालय पर प्रदर्शन किया और मुख्य अभियंता को एक पत्र के माध्यम से समस्याओं से अवगत कराया। प्रदेश अध्यक्ष लोकेश अग्रवाल ने बताया कि व्यापारियों का कहना है कि प्रीपेड मीटर की स्थापना से पूर्व उनमें सुधार कराये जाने की आवश्यकता है क्योंकि पूर्व में विभाग में जमा सिक्योरिटी वापस नहीं की गई है। पुराने मीटरों में चूंकि बिजली उधार दी जा रही थी इसलिए सिक्योरिटी ली गई थी। मीटर लगाने से पूर्व मीटर की जॉच लीगल माइट्रोलॉजी विभाग द्वारा कराई जानी आवश्यक है तथा प्रत्येक वर्ष मीटर की जॉच होना आवश्यक है। मीटर की जॉच की जिम्मेदारी विक्रेता अर्थात बिजली विभाग की सुनिश्चित की जाए। मीटर का मैनुअल व गारंटी कार्ड उपभोक्ता को उपलब्ध कराया जाये। बिजली कटौती के लिए रोस्टर घोषित किया जाये तथा उसकी सूचना सार्वजनिक की जाए। अघोषित बिजली कटौती को पूर्णतयः प्रतिबन्धित किया जाये। औद्योगिक बिलों में पोर्टल पर व बिलों की राशि में अन्तर आ रहा है, जिसमें कोई सुधार नहीं किया जा रहा है। पोर्टल व बिलों पर एक ही राशि दर्शायी जाये। मीटर विभाग द्वारा चौक मीटर लगाये जाते समय सीलिंग सार्टीफिकेट उपभोक्ता को नहीं दिया जाता जिस वजह से चौक मीटर लगाकर लम्बे समय के लिए भूल जाते हैं। व्यापारियों ने यह भी आरोप लगाया कि विभाग द्वारा 25 से 30 वर्ष पुराने पी.डी. कनेक्शनों की आर.सी. जारी की जा रही है। अधिकांश मामलों में विभाग के पास मीटर उतारे जाने का सीलिंग प्रमाण पत्र व अस्थाई विच्छेदन की दिनांक भी उपलब्ध नहीं है, जिससे स्पष्ट है कि अवैध वसूली के लिए मनमाने ढंग से आर.सी. जारी की जा रही है, जिन पर रोक लगाया जाना अत्यन्त आवश्यक है।

