असम

असम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई का प्रेस कॉन्फ्रेंस

सीएम हिमंत बिस्वा सरमा के हर आरोप का खंडन। 

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो 

असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) के अध्यक्ष एवं जोरहाट से लोकसभा सांसद गौरव गोगोई ने सोमवार 9 फरवरी को गुवाहाटी के राजीव भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के सभी आरोपों का कड़ा खंडन किया। उन्होंने एसआईटी रिपोर्ट के आधार पर लगाए गए पाकिस्तान संबंध, अटारी बॉर्डर यात्रा, पत्नी एलिजाबेथ कोल्बर्न गोगोई पर जासूसी के दावों सहित हर आरोप को पूरी तरह बेबुनियाद और राजनीतिक साजिश करार दिया। गोगोई ने कहा, “ये आरोप राष्ट्रीय सुरक्षा का ढोंग हैं, बिना प्रमाण के लगाए गए। हम हर झूठ का पर्दाफाश करेंगे।” सीएम की प्रेस कॉन्फ्रेंस को ‘सुपर फ्लॉप शो’ बताया मुख्यमंत्री के 8 फरवरी के प्रेस कॉन्फ्रेंस को गोगोई ने “सी-ग्रेड सिनेमा से बदतर”, “सुपर फ्लॉप” और “नीच हरकत” करार दिया। दो घंटे से अधिक चली इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में राष्ट्रीय मीडिया की मौजूदगी के बावजूद कोई ठोस सबूत पेश न करने पर उन्होंने तंज कसा। “सबूत बहुत कमजोर हैं, केवल आरोप लगाए गए। अगर चिंता इतनी थी तो पिछले 6 महीने चुप क्यों रहे?” गोगोई ने सवाल किया। एसआईटी ने पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख से कथित संबंधों का जिक्र किया, लेकिन केंद्र की मदद के बिना जांच रुकी हुई है । गोगोई ने नरेंद्र मोदी गुजरात के सीएम रहते समय अली तौकीर वहां काम करने का जिक्र किया। गौरव गोगोई ने पत्नी की 2011-12 की पाकिस्तान यात्रा को वैध कार्य यात्रा बताया, जो सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुरूप थी। “असम पुलिस को सूचना न देने का दावा झूठा है। यह अपवित्रता है,” उन्होंने कहा। अटारी बॉर्डर क्रॉसिंग को संवेदनशील बताते सीएम ने केंद्र को सौंपने की घोषणा की, लेकिन गोगोई ने इसे नाटक कहा। उन्होंने कहा कि भाजपा चुनावी हताशा में राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा उठा रही है। सीएम के परिवार की संपत्ति पर सवाल उठाते हुए गोगोई ने जोरदार पलटवार किया। ‘हिमंत बिस्वा सरमा कौन हैं’ वेबसाइट व पर्चे का हवाला देते हुए कहा कि सीएम परिवार के पास 12,000 बीघा जमीन के दस्तावेज जनता द्वारा अपलोड हो रहे हैं।उन्होंने कहा कि, “कांग्रेस की बढ़ती लोकप्रियता से दबाव में आकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। सीएम खुद को चाणक्य समझते हैं,” उन्होंने व्यंग्य किया। पूर्व सीएम तरुण गोगोई के परिवार पर हमलों को बदले की राजनीति बताया। यह टकराव 2026 असम विधानसभा चुनावों से ठीक पहले तेज हो गया है। गोगोई ने कार्यकर्ताओं से एकजुटता का आह्वान किया। बता दें कि यह विवाद तब भड़का जब सीएम ने एसआईटी रिपोर्ट में 44 पेजों का हवाला देते हुए दावा किया कि गोगोई दंपति ने तौकीर शेख के साथ खुफिया जानकारी साझा की। असम कैबिनेट ने मामला गृह मंत्रालय को सौंपने का फैसला लिया है । गौरव गोगोई ने इस आरोप को भी आज की प्रेस कांफ्रेंस में खंडित कर दिया। गोगोई ने शुरू से एसआईटी जांच का समर्थन किया, लेकिन सबूत मांगे। भाजपा ने कांग्रेस पर गांधी परिवार के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया था । प्रेस कॉन्फ्रेंस में गोगोई ने असम की जनता से सच्चाई पर भरोसा करने की अपील की। राजनीतिक हलकों में इसे कांग्रेस की आक्रामक रणनीति माना जा रहा है, जबकि सीएम ने कल की प्रेस कांफ्रेंस में कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। इधर आज सांसद गौरव गोगोई ने भी मुख्यमंत्री के बयानों के ऊपर कानूनी व्यवस्था की बात कहीं है। यह सियासी जंग ने असम की राजनीति में गर्माहट ला दिया है।

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