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पश्चिम एशिया तनाव के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा पुख्ता

जानिए सरकार मौजूदा हालात पर क्या बोली

मुंबई । पश्चिम एशिया के तनाव के बीच भारत में पेट्रोल, डीजल और छढॠ की आपूर्ति पर पेट्रोलियम मंत्रालय का बयान। सरकार ने की एक्साइज ड्यूटी में ?10 की कटौती। जानिए देश की ऊर्जा सुरक्षा और एलपीजी वितरण के सटीक आंकड़े हमारी इस विस्तृत रिपोर्ट में।
पश्चिम एशिया में जारी मौजूदा तनाव के बीच भारत सरकार ने देशवासियों और उद्योग जगत को ईंधन की निर्बाध आपूर्ति का भरोसा दिया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि वैश्विक हालात के बावजूद देश में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और प्राकृतिक गैस का पर्याप्त भंडार मौजूद है। कुछ स्थानों पर ग्राहकों द्वारा घबराहट में की जा रही खरीदारी (पैनिक बाइंग) की खबरों के बीच, सरकार ने देश के ऊर्जा बाजार को स्थिर रखने के लिए कई स्तरों पर त्वरित उपाय किए हैं।
कीमतों को नियंत्रित करने और आपूर्ति बनाए रखने के रणनीतिक उपाय-पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने देश में ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता की जानकारी दी। उन्होंने पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात के बावजूद आपूर्ति सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया। सरकार ने इस संबंध में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
शर्मा ने बताया कि देश में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और प्राकृतिक गैस पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। रिफाइनरियां सामान्य रूप से कार्य कर रही हैं और कच्चे तेल का भंडार भी पर्याप्त है। कुछ स्थानों पर घबराहट में खरीदारी देखी गई है, लेकिन नागरिकों को आश्वस्त किया गया है। घरेलू बाजार में उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु सरकार ने उत्पाद शुल्क में कमी की है।
पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क दस रुपये घटाया गया है। सरकार ने डीजल की उपलब्धता बनाए रखने के लिए निर्यात शुल्क भी लगाया है। उन्होंने अफवाहों पर विश्वास न करने और जरूरत के हिसाब से ईंधन इस्तेमाल करने का अनुरोध किया। प्राकृतिक गैस की घरेलू उपयोग के लिए शत प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
एलपीजी आपूर्ति की स्थिति-एलपीजी वितरकों के पास आपूर्ति की कोई कमी नहीं है। पर्याप्त आपूर्ति उपलब्ध है और इसे सुनिश्चित किया जा रहा है। कल लगभग पचानवे फीसदी बुकिंग आॅनलाइन की गई थीं। लगभग बयासी फीसदी डिलीवरी को प्रमाणीकरण कोड से प्रमाणित किया गया। पिछले दो दिनों में 1.04 करोड़ बुकिंग के मुकाबले 92 लाख सिलिंडर वितरित हुए।
वाणिज्यिक एलपीजी में वृद्धि-वाणिज्यिक एलपीजी की उपलब्धता में सरकार ने करीब सत्तर फीसदी की वृद्धि की है। ढाबों, रेस्तरां और औद्योगिक कैंटीनों को प्राथमिकता दी जा रही है। प्रवासी श्रमिकों को भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सभी को पर्याप्त एलपीजी मिले।
एलपीजी और प्राकृतिक गैस की स्थिति पर पेट्रोलियम मंत्रालय ने क्या बताया?
ईंधन सुरक्षा के मोर्चे पर प्राकृतिक गैस और रसोई गैस (एलपीजी) की निर्बाध आपूर्ति को लेकर भी मंत्रालय ने स्थिति स्पष्ट की है। मंत्रालय के अनुसार:
घरेलू उपयोग के लिए 100% प्राकृतिक गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
एलपीजी के संदर्भ में किसी भी वितरक (डिस्ट्रीब्यूटर) के पास आपूर्ति की कोई कमी नहीं है।
पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए 95% एलपीजी बुकिंग आॅनलाइन माध्यम से की गई हैं, और 82% डिलीवरी को ‘डिलीवरी प्रमाणीकरण कोड’ के माध्यम से प्रमाणित किया गया है।
पिछले दो दिनों के भीतर देश में लगभग 1.04 करोड़ बुकिंग प्राप्त हुईं, जिनके मुकाबले 92 लाख सिलेंडरों का सफलतापूर्वक वितरण किया जा चुका है।
व्यावसायिक क्षेत्र और एमएसएमई के लिए राहत-नवाणिज्यिक (कमर्शियल) एलपीजी की उपलब्धता के मामले में भी सरकार ने सक्रियता दिखाई है। आपूर्ति शृंखला को सुदृढ़ करते हुए वाणिज्यिक एलपीजी की उपलब्धता में लगभग 70% की वृद्धि की गई है। इस वृद्धि का सीधा लाभ छोटे व्यवसायों को मिलेगा, क्योंकि सरकार द्वारा ढाबों, रेस्तरां, औद्योगिक कैंटीनों और प्रवासी श्रमिकों को गैस वितरण में विशेष प्राथमिकता दी जा रही है।
अफवाहों से बचने और संयम बरतने की अपील-पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से आम जनता से स्पष्ट आग्रह किया गया है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर विश्वास न करें। अधिकांश खुदरा बिक्री केंद्र (रिटेल आउटलेट) सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। संयुक्त सचिव ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी वास्तविक जरूरत के हिसाब से ही पेट्रोल और डीजल का इस्तेमाल करें और पैनिक बाइंग से बचें।

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