
लखनऊ । यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि वर्षा, अतिवृष्टि, बाढ़ से ग्रामीण क्षेत्रों में जिन लोगों के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं उनको सरकार आवास देगी।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने वर्षा, अतिवृष्टि, बाढ़ से ग्रामीण क्षेत्रों में जिन लोगों के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, उनको मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत लाभांवित करने का निर्देश दिया है। डिप्टी सीएम के निर्देश के बाद इस बाबत राज्य मुख्यालय से समस्त जिलों को आवश्यक कार्यवाही करने को कहा गया है। बता दें कि इस योजना का लाभ उन गरीबों को मिलेगा, जिन्हें प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना का फायदा नहीं मिल रहा है। ग्राम्य विकास आयुक्त जीएस प्रियदर्शी द्वारा सभी सीडीओ को प्रभावित परिवारों को आवास का लाभ देने की कार्यवाही करने का निर्देश दिया गया है। बता दें कि मुख्यमंत्री आवास योजना- ग्रामीण के लिए वर्ष 2018 में जारी शासनादेश में दैवीय आपदा सहित अन्य कई श्रेणी के पात्र लाभार्थियों को मुख्यमंत्री आवास दिये जाने के संबंध में विस्तृत निर्देश दिए गए थे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर तमाम मंत्री बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे हैं। वह राहत सामग्री वितरित करने के साथ पीड़ितों का कुशलक्षेम भी जान रहे हैं। अब तक 6 लाख से अधिक लोगों को राज्य सरकार की ओर से राहत पहुंचाई जा चुकी है।
राहत आयुक्त भानु चंद्र गोस्वामी ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश के 36 जिलों की 92 तहसीलें और 1877 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। इन इलाकों में 6,42,913 लोगों को राहत पहुंचाई गई है। वहीं 84,700 मवेशियों को सुरक्षा स्थान पर शिफ्ट किया गया है। बाढ़ की चपेट में आने से अब तक 573 लोगों के मकानों को क्षति पहुंची है, जिनमें से 465 लोगों को सहायता राशि प्रदान की जा चुकी है। वहीं प्रदेश में 61,852 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल बाढ़ की चपेट में आया है। प्रभावित क्षेत्रों में 2,610 नावों और मोटरबोट की सहायता से राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। इन इलाकों में अब तक 67,169 खाद्यान्न पैकेट और 7,99,734 लंच पैकेट वितरित किये जा चुके हैं।
ये जिले बाढ़ से हैं प्रभावित-अयोध्या, बहराइच, बाराबंकी, बस्ती, कासगंज, हरदोई, मुरादाबाद, मुजफ्फनगर, शाहजहांपुर, भदोही, श्रावस्ती, उन्नाव, फरुर्खाबाद, मेरठ, हापुड़, गोरखपुर, गोंडा, बिजनौर, बदायूं, कानपुर नगर, लखीमपुर खीरी, आगरा, औरैया, चित्रकूट, बलिया, बांदा, गाजीपुर, मीरजापुर, प्रयागराज, वाराणसी, चंदौली, जालौन, कानपुर देहात, हमीरपुर, इटावा और फतेहपुर।



