किसान सम्मान निधि के नाम पर वसूली के आरोप, जांच कराएगा प्रशासन
किरनापुर तहसील कार्यालय के सहायक ई-गवर्नेंस प्रबंधक पर किसानों ने लगाए पैसे लेने के आरोप; एसडीएम ने जांच कमेटी गठित करने की बात कही

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
किरनापुर। किसानों को आर्थिक सहायता देने वाली प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ दिलाने के नाम पर किरनापुर तहसील कार्यालय में कथित अवैध वसूली के आरोप सामने आए हैं। दो किसानों ने कार्यालय में पदस्थ सहायक ई-गवर्नेंस प्रबंधक रामशंकर पटले पर रुपये लेने के बावजूद योजना का लाभ नहीं दिलाने का आरोप लगाया है। मामले को लेकर किसानों ने तहसीलदार और कलेक्टर से शिकायत करने की बात कही है। वहीं, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कमलचंद्र सिंहसार ने मामले की जांच के लिए कमेटी गठित करने और आरोप सही पाए जाने पर कार्रवाई की बात कही है।
1700 रुपये लेने का आरोप, किसान को लौटाई राशि
डुंडासिवनी निवासी किसान अर्जुन शेंद्रे के मुताबिक, उनके पिता के नाम पर जमीन है, लेकिन उन्हें किसान सम्मान निधि की राशि नहीं मिल रही थी। पटवारी के कहने पर वह तहसील कार्यालय में रामशंकर पटले से मिले। अर्जुन का आरोप है कि पटले ने काम कराने के लिए दो हजार रुपये मांगे, जिसके बाद उन्होंने मई माह में 1700 रुपये दिए और शेष 300 रुपये बाद में देने की बात हुई। हालांकि, उनके पिता का नाम योजना में नहीं जुड़ा और राशि भी नहीं मिली।
अर्जुन के अनुसार, कई बार संपर्क करने पर उन्हें टालमटोल का सामना करना पड़ा। हाल ही में बातचीत के दौरान संबंधित कर्मचारी ने फरवरी में काम होने की बात कही और उनके फोन-पे नंबर पर 1700 रुपये वापस कर दिए। किसान ने मामले की जांच कर संबंधित कर्मचारी पर कार्रवाई करने तथा अपने पिता को योजना का लाभ दिलाने की मांग की है।
पांच हजार रुपये देने के बाद भी नहीं मिला लाभ
ग्राम कुंडे निवासी किसान महेंद्र मड़ावी ने भी रामशंकर पटले पर पांच हजार रुपये लेने का आरोप लगाया है। महेंद्र के अनुसार, उनकी जमीन उनके नाम पर है, लेकिन उन्हें किसान सम्मान निधि की राशि नहीं मिल रही थी। योजना का लाभ दिलाने के आश्वासन पर उन्होंने पांच हजार रुपये दिए, लेकिन इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ।
किसान का कहना है कि उन्होंने पहले वर्तमान तहसीलदार और फिर कलेक्टर की जनसुनवाई में शिकायत की, लेकिन अब तक उन्हें योजना का लाभ नहीं मिला। महेंद्र ने मामले में कार्रवाई और अपनी पात्रता के अनुसार सम्मान निधि दिलाने की मांग की है।
एसडीएम बोले—जांच के बाद होगी कार्रवाई
मामले में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व किरनापुर कमलचंद्र सिंहसार ने कहा कि किसानों ने उनके संज्ञान में समस्या लाई है। इस पर जांच कमेटी गठित कर जांच कराई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि संबंधित सहायक ई-गवर्नेंस प्रबंधक रामशंकर पटले दोषी पाए जाते हैं, तो उनके विरुद्ध कार्रवाई की प्रक्रिया की जाएगी।
किसानों के आरोपों के बीच अब जांच की निष्पक्षता और कार्रवाई पर नजर रहेगी। यह भी स्पष्ट होना जरूरी है कि संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध लगाए गए आरोपों की आधिकारिक जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और पात्र किसानों को योजना का लाभ कब तक मिल पाता है।



