ओलावृष्टि और बारिश से आम के बागानों पर खतरा, विशेषज्ञों ने जारी किया 30 दिन का मास्टर प्लान
Hailstorms and rain threaten mango orchards, experts release 30-day master plan

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
दुमका। बिहार, झारखंड सहित पूर्वी और उत्तर भारत में हाल ही में हुई ओलावृष्टि, तेज आंधी और बारिश ने आम के बागानों को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। वर्तमान में आम की फसल मंजर (फूल) से लेकर प्रारंभिक फल सेट की संवेदनशील अवस्था में है, जिससे उत्पादन पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। कनीय पौधा संरक्षण पदाधिकारी, दुमका ने किसानों को चेतावनी देते हुए बताया कि यदि समय पर वैज्ञानिक प्रबंधन नहीं किया गया, तो 30 से 80 प्रतिशत तक उत्पादन हानि हो सकती है। इस स्थिति से निपटने के लिए विशेषज्ञों ने 0–30 दिन का इमरजेंसी स्प्रे शेड्यूल जारी किया है।
मौसम का असर: आम की फसल पर ये खतरे
तेज हवा और बारिश से फूल व टिकोला गिरना
परागण में बाधा, मधुमक्खियों की गतिविधि में कमी
एन्थ्रेक्नोज और पाउडरी मिल्ड्यू जैसे फफूंद रोगों का प्रकोप
ओलों से पत्तियों व फलों पर चोट
हॉपर और मिलीबग जैसे कीटों का बढ़ता खतरा
30 दिन का वैज्ञानिक स्प्रे शेड्यूल (संक्षेप में)
0–2 दिन:
बारिश रुकते ही फफूंदनाशी का छिड़काव — रोगों की रोकथाम और घावों की सुरक्षा
4–5 दिन:
पोषण स्प्रे (KNO₃ + बोरॉन) — फल सेट सुधार और फूल गिरने में कमी
10–12 दिन:
दूसरा फफूंदनाशी स्प्रे — दोबारा संक्रमण से सुरक्षा
15–18 दिन:
फल संरक्षण स्प्रे (Planofix/Seaweed) — फल गिरावट रोकने में मदद
25–30 दिन:
अंतिम सुरक्षा स्प्रे — बेहतर गुणवत्ता और उत्पादन सुनिश्चित
कीट प्रबंधन में सावधानी
विशेषज्ञों ने चेताया है कि फूल अवस्था में कीटनाशकों का अंधाधुंध उपयोग न करें, इससे मधुमक्खियों को नुकसान होता है। जरूरत होने पर ही सीमित मात्रा में स्प्रे करें और शाम के समय ही छिड़काव करें।
अतिरिक्त जरूरी उपाय
बाग में जल निकासी की व्यवस्था रखें
गिरे हुए फूल और संक्रमित भाग हटाएं
क्षतिग्रस्त टहनियों की छंटाई करें
हर 2–3 दिन पर नियमित निगरानी करें
किसानों के लिए सलाह
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, यदि किसान समय पर फफूंदनाशी स्प्रे, संतुलित पोषण और बाग की स्वच्छता पर ध्यान दें, तो 30–60% तक नुकसान कम किया जा सकता है। अंत में किसानों से अपील की गई है कि वे किसी भी रसायन का उपयोग केवल अनुशंसित मात्रा और विशेषज्ञ की सलाह से ही करें तथा अधिक जानकारी के लिए नजदीकी कृषि केंद्र से संपर्क करें।



