अमेठी

छः महीने बीते, अनुदेशकों और शिक्षामित्रों को नहीं मिला समर कैंप का मानदेय

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो

अमेठी। ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद उच्च प्राथमिक एवं कंपोजिट विद्यालयों में शासन के निर्देश पर समर कैंप का आयोजन किया गया था। समर कैंप की ड्यूटी अनुदेशक और शिक्षामित्रों की लगाई गई थी। अनुदेशक और शिक्षामित्र आदेश का अनुपालन करते हुए समय से विद्यालय पहुंचकर बच्चों को निर्धारित शेड्यूल के अंतर्गत प्रशिक्षण देने का काम किया। सकुशल समर कैंप का समापन हुआ। 4 महीने बाद शासन की ओर से मानदेय कई ग्रांट जारी की गई। उसके बाद जिले के जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारियों की लापरवाही के चलते अभी तक मानदेय का भुगतान नहीं हो पाया है। अनुदेशक और शिक्षामित्र मानदेय के लिए परेशान हैं।

समर कैंप की ड्यूटी करने कई अनुदेशकों ने बताया कि ड्यूटी के लिए खंड शिक्षा अधिकारियों की ओर से दबाव बनाकर जबरन ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान ड्यूटी कराई गई। मानदेय के लिए खंड शिक्षा अधिकारी मौन साधे हुए हैं। शिक्षामित्र और अनुदेशकों के साथ भेदभाव तरीके से काम किया जाता है। उन्हें कभी समय से मानदेय का भुगतान नहीं किया जाता है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की ओर से पत्र जारी करके सभी प्रधानाध्यापकों को हर महीने 5 तारीख को प्रपत्र 9 भेजने का निर्देश दिया गया है लेकिन जिम्मेदार प्रधानाध्यापक गंभीर नहीं है। जिसके चलते समय से मानदेय का भुगतान नहीं हो पाता है।

बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक में अन्य बैंक मर्ज हुए हैं। बैंकिंग सिस्टम में कुछ परिवर्तन हुआ है। जिले में 834अनुदेशक और शिक्षामित्र हैं।सबके बैंक एकाउंट नंबर और आई एफ एस सी कोड का डाटा अपडेट किया जा रहा है। जैसे ही विकास खंडों से सूचनाएं पूरी मिल जाएंगी।वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय में बैठकर ट्रेज़री से भुगतान की सारी प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी।इसी महीने में मानदेय के भुगतान की पूरी संभावना है।
शशि कांत सेन
जिला समन्वयक

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button