ललितपुर

शराब दुकान से त्रस्त ग्रामीण महिलाएं सड़क पर उतरने को मजबूर

कलेक्ट्रेट पहुंची महिलाओं ने डीएम से की दुकान हटाने की मांग

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
ललितपुर। जिले के विकास खण्ड जखौरा अंतर्गत ग्राम पंचायत सतरावां में संचालित देशी शराब की दुकान ग्रामीणों के लिए गंभीर सामाजिक समस्या बनती जा रही है। शराब दुकान को लेकर गांव की महिलाओं में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीण महिला संगठन ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपते हुए शराब की दुकान को तत्काल निरस्त करने अथवा गांव के बीच से हटाकर आबादी से बाहर स्थानांतरित किए जाने की मांग की है। महिलाओं का आरोप है कि लंबे समय से गांव के बीच संचालित देशी शराब की दुकान के कारण पूरे गांव का माहौल बिगड़ चुका है। शराब के नशे में धुत लोग आए दिन गाली-गलौज, मारपीट और उत्पात मचाते हैं, जिससे महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। महिलाओं का कहना है कि शराब के कारण पारिवारिक कलह बढ़ रही है और बच्चों पर भी इसका गलत असर पड़ रहा है। ग्रामीण महिलाओं ने बताया कि गांव में नशे के कारण कई बार सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें लोगों की मौत तक हो चुकी है। शराब के नशे में वाहन चलाने से ग्रामीणों की जान खतरे में पड़ी हुई है। वहीं, युवाओं और बच्चों में भी नशे की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ रही है, जो भविष्य के लिए बेहद चिंताजनक है। महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि शराब दुकान के आसपास स्थित मंदिर और इंटर कॉलेज का रास्ता इसी दुकान के सामने से होकर जाता है। शराबियों की भीड़ और अभद्र व्यवहार के कारण छात्राओं को विद्यालय जाने में भारी परेशानी होती है। आरोप है कि महिलाओं के साथ छेड़छाड़ और अभद्र टिप्पणियों की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं, जिससे गांव की महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं। ग्रामीण महिलाओं का कहना है कि उन्होंने कई बार प्रशासन से मौखिक शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। मजबूर होकर महिलाओं ने लिखित शिकायत देकर प्रशासन का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकृष्ट कराया है। महिलाओं ने चेतावनी दी है कि यदि शराब की दुकान को शीघ्र नहीं हटाया गया तो वे अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल, धरना-प्रदर्शन और उग्र आंदोलन करने को विवश होंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि आंदोलन के दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। ग्रामीणों और महिलाओं ने जिलाधिकारी से मांग की है कि गांव के सामाजिक माहौल, महिलाओं की सुरक्षा और बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए तत्काल शराब दुकान पर कार्रवाई की जाए। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर जनसमस्या पर क्या रुख अपनाता है और कब तक ग्रामीणों को राहत मिलती है। ज्ञापन देते समय रोशनी, ममता, राजकुमारी, कृष्णा, रूपवती, कृष्णादेवी, शारदा, विद्यादेवी, कमलेश, अनीता, भारती, अर्चना, राधा, किरन, पुष्पादेवी, लक्ष्मी, गनेशकुंवर, सीना, रामकुमारी, सुषमा, आरती, रामदुलारी, कस्तूरी, जमनाबाई, रामदेवी, गीता, राधा समेत अनेकों महिलाएं मौजूद रहीं।
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