गोड्डा
फाइलेरिया उन्मूलन हेतु जागरूकता शिविर आयोजित

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
गोड्डा : राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन गोड्डा के तत्वावधान में आगामी 10 अगस्त से 25 अगस्त 2025 तक आयोजित होने वाले मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन हेतु अर्बन टास्क फोर्स की बैठक सह उन्मुखीकरण कार्यशाला कार्यक्रम का आयोजन स्थानीय नगर परिषद कार्यालय सभागार में आहूत की गई। उक्त बैठक में अर्बन क्षेत्र के विभिन्न विभाग के अधिकारी एवं नगर परिषद के निवर्तमान वार्ड पार्षद, चेंबर ऑफ कामर्स, रेड क्रॉस, नेहरू युवा केंद्र, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन गोड्डा, नेहरू युवा केंद्र संगठन गोड्डा, धर्मगुरु, लायंस क्लब, डब्ल्यूएचओ, यूनिसेफ, एकजुट, पिरामल फाउंडेशन सहित स्वास्थ्य सदस्यों ने हिस्सा लिया। इस दौरान जिला शहरी स्वास्थ्य प्रबंधक जयशंकर ने बताया कि फाइलेरिया उन्मूलन एक सामूहिक उत्तरदायित्व है जिसमें सभी विभागों का परस्पर समन्वय, सुनियोजित रणनीति और जन भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। फाइलेरिया मच्छर के काटने से फैलता है और यह दुनिया भर में दीर्घकालिक विकलांगता के प्रमुख कारणों में से एक है। किसी भी आयु वर्ग में होने वाला यह संक्रमण लिम्फैटिक सिस्टम को नुकसान पहुंचाता है और अगर इससे बचाव न किया जाए तो इससे शारीरिक अंगों में असामान्य सूजन होती है। फाइलेरिया के कारण चिरकालिक रोग जैसे हाइड्रोसील (अंडकोष की थैली में सूजन), लिम्फेडेमा (अंगों का सूजन) व काइलुरिया (दूधिया सफेद पेशाब) से ग्रसित लोगों को अक्सर सामाजिक बहिष्कार का बोझ सहना पड़ता है, जिससे उनकी आजीविका व काम करने की क्षमता भी प्रभावित होती है।फाइलेरिया बीमारी के बचाव एवं संक्रमण को रोकने के लिए तीन प्रकार का फाइलेरिया रोधी दवा एलबेंडाजोल, डीईसी, आईवरमेक्टिन की गोली सामूहिक रूप से एक साथ दो वर्ष के उम्र से उपर सभी स्वास्थ्य व्यक्तियों को दवा प्रशासक (डीए) के द्वारा 10 अगस्त को बूथ पर एवम् 11 अगस्त से 25 अगस्त तक घर- घर जाकर दवा खिलाई जाएगी। साथ ही 1-2 वर्ष के उम्र वाले बच्चों को केवल एलबेंडाजोल की दवा खिलाई जाएगी। गर्भवती महिला और गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को फाईलेरिया का खुराक (आईडीए) का सेवन नहीं कराया जाए।अर्बन टास्क फोर्स के बैठक में संबोधित करते हुए झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य हाजी इकरारूल हसन आलम ने कहा के जिले का स्वास्थ्य विभाग डोर टू डोर जाकर के लोगों को जागरुक कर कर रहे है और स्वास्थ्य कर्मी दवा भी खिलाने का काम कर करेंगे। हाजी आलम ने बताया कि फ़लेरिया की दवा सभी को साल में एक बार खानी है उम्र और हाईट के हिसाब से यह डोज तय है।
इस कार्यक्रम की जागरूकता के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है की बहुत लोग दवा खाने से कतराते हैं तो इसके लिए कोई ऐसी टीम बना दी जाए या फिर अल्पसंख्यक समाज में जागरूकता के लिए धार्मिक स्थल में लोगों के बीच संबोधन का कार्य किया जाए। जैसे शुक्रवार को मस्जिदों के इमाम लोगों को जागरूक किया जाए, इन्हें भी बुलाकर फाइलेरिया उन्मूलन के संबंध में जानकारी दी जाए और इन्हें बताया जाए कि इस बीमारी से कैसे बचा जा सकता है। किस तरह से मच्छर का प्रकोप, गंदगी, मच्छरदानी का उपयोग नहीं करने से कैसे बीमारी फैलती है और फिर इससे बचाव का भी जो जानकारी दिया जा रहा है अन्य लोगों को भी जानकारी दी जाए और दवा को जरूर खाने के लिए कहा जाए। यह भी बताया जाए कि इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं है इसको लेने में कोई नुकसान नहीं है। सिर्फ साल में एक बार लेना है तब जाकर के यह उन्मूलन का कार्यक्रम शतप्रतिशत सफल होगा। मौके पर हाजी इकरारुल हसन, मनीष कुमार, बिंदेश्वर सिंह, विनोद हजरा, मोहम्मद इदरीश, मुकेश कुमार, कामरान, रेनू कुमारी टीम लीड पिरामल स्वास्थ्य, सिस्टर बिनीता अंबेडकर नर्सिंग स्कूल गोड्डा, समाज सेवी मतीन अंसारी, हज कोऑर्डिनेटर इब्राहिम अंसारी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।


