गोड्डा
महागामा में विकास के दावे फेल, गांव की सड़क बनी मजाक

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
महागामा। सरकार, मंत्री, विधायक और जनप्रतिनिधि जब मंच पर आते हैं तो विकास की गाथा सुनाते थकते नहीं। लेकिन हकीकत? तस्वीरें और हालात दोनों चीख-चीखकर बता रहे हैं कि ज़मीनी सच्चाई उन दावों से कोसों दूर है। गोड्डा जिले के महागामा विधानसभा क्षेत्र लीलातरी-2 से बलिया, बवानिया, बालाजोर और श्यामपुर जैसे गांवों को जोड़ने वाली मुख्य सड़क आज भी बदहाल है। ग्रामीणों की मानें तो सड़क की हालत ऐसी है कि न ऑटो चल पाता है, न गाड़ी। बारिश के मौसम में तो हाल और भी बेहाल – सड़क कीचड़ में बदल जाती है और पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं और बच्चों को झेलनी पड़ रही है। ग्रामीण महिलाएं कह रही हैं कि बीमार बच्चों को अस्पताल ले जाने में घंटों जद्दोजहद करनी पड़ती है। न गाड़ी आती है, न एंबुलेंस पहुंच पाती है। नेता लोग सिर्फ वादा करते हैं कि सड़क बन जाएगी, लेकिन कब? सवाल कई हैं, लेकिन जवाब वही पुराना घीसा-पिटा, सड़क बन जाएगी। जबकि सच्चाई यह है कि दशकों से यहां विकास का नाम तक नहीं लिया गया। ग्रामीणों का साफ कहना है कि अब वादों से काम नहीं चलेगा, सड़क चाहिए और वो भी पक्की सड़क। वरना चुनावी मौसम में नेता गांव में घुसना तो दूर, वोट मांगने की हिम्मत भी न करें। महागामा विधानसभा क्षेत्र की ये सड़क आज विकास की असली पोल खोल रही है।



