मथुरा

उद्योगों के विकास और चुनौतियों पर एमएसएमई फॉर भारत मंथन में हुई चर्चा, जानें किसने क्या कहा

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
मथुरा में एमएसएमई कॉन्क्लेव शुरू हो चुका है। इस आयोजन मेंमंत्री, अधिकारी और विशेषज्ञ उद्योगों की चुनौतियों व अवसरों पर मंथन करेंगे। इस कॉन्क्लेव का उद्देश्य रोजगार सृजन और एमएसएमई सेक्टर को बढ़ावा देना है। लघु उद्योग भारती के मंडल अध्यक्ष सोनल अग्रवाल ने कहा कि मथुरा को 51 बिलीयन डॉलर की इकोनॉमी बनाना होगा। यह सभी  के लिए एक चुनौती है। उद्यमी सपना बुनने का काम करता है। उन्होंने कहा कि ताज ट्रेपीजियम जॉन होने के बाद भी मथुरा की इकाइयों को ग्रीन गैस नहीं मिल रही है। चैंबर्स के पूर्व अध्यक्ष राजेश बजाज ने कहा कि साड़ी उद्योग मथुरा में एक लाख लोगों को रोजगार देता है। सभी सड़कों और नालों को इंडस्ट्रियल एरिया में बेहतर किया जाए। एमएसएमई न्यायालय में जजों की संख्या बढ़ाने की भी मांग रखी गई। टोंटी एसोसिएशन के अध्यक्ष देवेंद्र चौधरी ने कहा आज मथुरा में उद्यमियों के लिए कई चुनौतियां हैं। उद्योग बंधु की मीटिंग में समस्याएं उठाते भी हैं। उन्होंने कहा कि मथुरा में नीरी के ऑफिस की विशेष जरूरत है। कम से कम हफ्ते में 2 दिन ऑफिस का संचालन है। इस दौरान चैंबर्स के पूर्व अध्यक्ष राजेश बजाज ने कहा कि साड़ी उद्योग एक लाख लोगों को मथुरा में रोजगार देता है। चैंबर्स के पूर्व अध्यक्ष राजेश बजाज ने कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण से ताज ट्रेपीजियम जोन क्षेत्र का फिर से मूल्यांकन करने की मांग की। मंत्री ने मंच से ही बैठक कर विचार करने का आश्वासन दिया। इसके साथ ही सभी उद्योगों को नियमित बिजली आपूर्ति करने का भी आश्वासन दिया। कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण ने कहा कि मथुरा में होटल इंडस्ट्री के लिए काफी मौके हैं। मथुरा की छाता तहसील व्यापारियों की सबसे पसंदीदा जगह है। छाता क्षेत्र  इंडस्ट्री लगाने के लिए सबसे मुफीद भी है। उन्होंने कहा कि व्यापारियों से ही अर्थव्यवस्था मजबूत होती है। बेरोजगारी बढ़ने पर अनुशासनहीनता बढ़ेगी। नेपाल और पाकिस्तान में जो हो रहा है, वह सब बेरोजगारी का नतीजा है।
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