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लोनी में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए भूमि देने के निर्णय पर विधायक मदन भैया ने जताया विरोध

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
लोनी :  राष्ट्रीय लोकदल के खतौली विधायक मदन भैया ने गाजियाबाद नगर निगम को ग्राम मीरपुर, तहसील लोनी की 8.2650 हेक्टेयर भूमि वैज्ञानिक पद्धति से ठोस अपशिष्ट निस्तारण हेतु दिए जाने के निर्णय पर कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने आयुक्त मेरठ मंडल के माध्यम से संयुक्त सचिव, उत्तर प्रदेश शासन को पत्र भेजकर इस निर्णय को निरस्त करने की मांग की है।
विधायक ने पत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अवगत कराते हुए कहा कि लोनी की भौगोलिक स्थिति पहले से ही बेहद दयनीय है। यहां की जनता गंदगी, प्रदूषण और अव्यवस्थित विकास के कारण नारकीय जीवन जीने को मजबूर है। ऐसे में प्रदेश सरकार द्वारा नगर निगम गाजियाबाद के कूड़े के निस्तारण के लिए लोनी क्षेत्र की जमीन देने का निर्णय स्थानीय नागरिकों की समस्याओं को और बढ़ा देगा।
मदन भैया ने कहा कि लोनी नगर पालिका क्षेत्र से प्रतिदिन लगभग 700 टन कचरा निकलता है, जो खुले में जगह-जगह पड़ा रहता है। निठौरा रोड स्थित राजकीय विद्यालय के पास कूड़े का अंबार पहले ही नागरिकों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि इस विषय में उन्होंने विधानसभा में प्रश्न उठाए थे और इस मुद्दे पर एनजीटी, नई दिल्ली में भी याचिका दायर की गई थी, जिसके बाद केवल लोनी क्षेत्र के कूड़े के निस्तारण हेतु ही वैज्ञानिक पद्धति से प्लांट स्थापित करने का आदेश हुआ था। बावजूद इसके अब तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
विधायक ने कहा कि शासन का यह निर्णय चौंकाने वाला है। मीरपुर हिंदू व लोनी क्षेत्र के लोग पहले ही गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं, ऐसे में नगर निगम गाजियाबाद का कचरा यहां लाना जनविरोधी कदम होगा। उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए सरकार को अपने निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए, ताकि लोनी व मीरपुर की जनता को राहत मिल सके।
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