गाजियाबाद
लोनी में ध्वनि प्रदूषण कानून पूरी तरह से फेल
प्रशासन की लापरवाही से धार्मिक स्थलों पर बेकाबू लाउडस्पीकर की ध्वनि
नियमों की अनदेखी से आमजन परेशान, शिकायतों में लगातार बढ़ोतरी
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
लोनी (गाजियाबाद)। ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण को लेकर शासन और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के बावजूद लोनी क्षेत्र में धार्मिक स्थलों पर लगे लाउडस्पीकर खुलेआम नियमों की अवहेलना कर रहे हैं। लोनी क्षेत्र की कई कालोनियों व ग्रामीण इलाकों में मंदिरों, मस्जिदों और गुरुद्वारों से तेज आवाज में बजते लाउडस्पीकर स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि सुबह से देर रात तक बिना किसी नियंत्रण और तय ध्वनि सीमा के लाउडस्पीकर बजते हैं। इससे बुजुर्गों, छोटे बच्चों, बीमार लोगों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को लगातार दिक्कत झेलनी पड़ रही है।
कागज़ों में कानून, ज़मीन पर ढिलाई, ध्वनि नियंत्रण अधिनियम के तहत बिना अनुमति लाउडस्पीकर लगाना या निर्धारित सीमा से अधिक आवाज में बजाना दंडनीय अपराध है। प्रदेश सरकार ने ऐसे मामलों में कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं, लेकिन लोनी में यह कानून केवल फाइलों तक सीमित दिखाई दे रहा है।
लोगों का आरोप है कि संबंधित अधिकारी और पुलिस सब कुछ जानते हुए भी कार्रवाई से बच रही है, मानो नियमों की अवहेलना की उन्हें जानकारी ही नहीं जांच अभियान बंद, शिकायतें बढ़ीं स्थानीय लोगों का दावा है कि पुलिस द्वारा धार्मिक स्थलों पर लगे साउंड सिस्टम की जांच कई महीनों से नहीं हुई है। निरीक्षण बंद होने के बाद ध्वनि प्रदूषण की शिकायतें कम होने के बजाय लगातार बढ़ती जा रही हैं।
प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
लोगों का कहना है कि प्रशासन धार्मिक संवेदनशीलता के मामले में कार्रवाई से बच रहा है या फिर इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं ले रहा। जबकि शासन ने पहले ही स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय और सीमा के बाहर लाउडस्पीकर बजाने वालों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि आदेशों का पालन कहीं नजर नहीं आ रहा।
लोगों ने उठाई त्वरित कार्रवाई की मांग
स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन और पुलिस से जल्द कदम उठाने की मांग की है। उनका कहना है कि धार्मिक स्थलों पर लगे लाउडस्पीकरों का निरीक्षण कर नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाए, ताकि आमजन को ध्वनि प्रदूषण से राहत मिल सके।


