मेरठ

राज्यमंत्री सोमेन्द्र तोमर की ‘‘जमीन लूट ट्रेन’’ को लेकर आम आदमी पार्टी का सनसनीखेज खुलासा

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
मेरठ। ऊर्जा राज्यमंत्री सोमेन्द्र तोमर द्वारा ट्रस्ट बनाकर दलित परिवारों की पुश्तैनी जमीन हड़पने को लेकर आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष एवं प्रदेश प्रवक्ता द्वारा जो परतें उधेड़ी गई वह स्वास्थ्य विभाग से लेकर राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत और जालसाजी के खेल को उजागर करने के लिए पर्याप्त कही जा सकती हैं। वैसे भी राज्यमंत्री सोमेन्द्र तोमर के जमीनों के खेल को लेकर पिछले कुछ दिनो से अलग-अलग स्तर पर शासन स्तर तक शिकायतें की जा चुकी हैं। आम आदमी पार्टी ने इस पूरे प्रकरण पर प्रेस कांफ्रेस करते हुए इस घोटाले को ‘‘जमीन लूट ट्रेन’’ की संज्ञा दी है।
आम आदमी पार्टी के मेरठ जिलाध्यक्ष एवं प्रदेश प्रवक्ता अंकुश चौधरी ने मेरठ में धमाकेदार प्रेस कॉन्फ्रेंस में जालसाजी की परतें खोलते हुए कहा कि यह सिर्फ़ ज़मीन हड़पने का मामला नहीं है, बल्कि संविधान पर सीधा वार है। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्राम दौलतपुर फखरपुर उर्फ कायस्थ गांवड़ी (मेरठ) में 47 दलित परिवारों की पुश्तैनी ज़मीन को ऊर्जा राज्य मंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर ने फर्जी मेडिकल सर्टिफ़िकेट, जाली दस्तावेज़ और अफ़सरों की मिलीभगत से अपने ट्रस्ट के नाम करा लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि जमीन हड़पने के लिए एक ही परिवार के 9 लोगों का पलायन दिखाया गया जबकि 38 लोगों को अचानक से गंभीर बीमारी से ग्रस्त बताया गया। ये सभी सर्टिफिकेट प्यारेलाल अस्पताल से बनवाये गये। क्या कायस्थ गावड़ी गांव में कोई महामारी फैली हुई थी ? यदि कोई बीमारी थी तो मंत्री जी ने स्वास्थ्य विभाग को इलाज के लिए क्या निर्देश दिये ?
‘बुलेट ट्रेन’ की स्पीड से भी जल्दी अधिकारियों ने जमीन बेचने की परमिशन दे दी। 12 सितम्बर 2024 को अनुमति दी गई। 13 सितम्बर 2024 को प्यारेलाल अस्पताल से सर्टिफ़िकेट भी बन गये और एक ही दिन में 46 लोगों की जमीनों के बैनामे भी हो गये। उन्होंने कहा मोदी जी की बुलेट ट्रेन नहीं चली, लेकिन मंत्री जी की ‘ज़मीन लूट ट्रेन’ ने 24 घंटे में रिकॉर्ड तोड़ दिया! ये कोई संयोग नहीं बल्कि पूर्व नियोजित षड्यंत्र है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी डॉ. सोमेंद्र तोमर को तत्काल बर्खास्त करने की मांग करते हुए सभी 47 बैनामे रद्द करने, ज़मीन मूल दलित मालिकों को वापस दिलाने और सीबीआई या ईडी से जांच कराने और राजस्व अफसरों और बिचौलियों पर एफआईआर कराने की मांग करती है। उन्होंने कहा कि हमने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, राज्यपाल, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति जनजाति आयोग, सीवीसी, ईडी, आयकर विभाग और मेरठ मंडल के आयुक्त को तमाम तथ्यों के साथ अपनी शिकायत भेजी है। यदि इस प्रकरण में कोई उचित कार्रवाई नहीं हुई तो आम आदमी पार्टी सड़कों पर उतरेगी। दलितों का हक कोई नहीं छीन सकता-न मंत्री, न अफसर, न कोई अन्य।
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