
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
ललितपुर। सेवा साधना और सम्बोधि को समर्पित दिव्य प्रेम सेवा मिशन कानपुर अंचल की ललितपुर शाखा का तीसवां स्थापना दिवस वेदपाठी कर्मकांडी संस्कृत वटुक विद्यार्थियों के सानिध्य में वेद मंत्रोचारण के बीच मन्दिर के सुरभ्य प्रांगण में मनाया गया जिसमें सहभोज भी हुआ। इस दौरान दिव्य प्रेम सेवा मिशन जिला संयोजक बब्बू राजा ने बताया कि दिव्य प्रेम सेवा मिशन की स्थापना आज से तीस बर्ष पूर्व आशीष ने हरिद्वार में की थी जो दीन दुखियों की सेवार्थ समर्पित है। सबसे ज्यादा कोढ़ी व्यक्तियों के लिए आश्रम की व्यवस्था है। इसके अलावा अन्य दीन दुखियों की सेवा की व्यवस्था यह मिशन करता है। कोढ़ होने के बाद जो व्यक्ति अपने परिवार और समाज से एक तरह से बहिस्कृत से हो जाते हैं, आश्रम में उनकी घर की तरह सेवा होती है। उनके बच्चों को पढ़ाने की इतनी अच्छी व्यवस्था है कि कई बच्चे केन्द्र और राज्य सरकार के में बड़े बड़े अधिकारी तक वन गये हैं। ललितपुर में भी दिव्य प्रेम सेवा मिशन की शाखा लगातार समाजसेवा के प्रयास करती रहती है। इस दौरान पं.कमलेश शास्त्री ने सेवा को धर्म मानने के बिषय पर शास्त्रीय उद्धरण देकर व्याख्या की। कार्यक्रम में प्रदीप चौबे, राजीव बबेले सप्पू, बंशीधर श्रीवास, देवेन्द्र गुरु, निखिल तिवारी, डा.दीपक चौबे, मनीष अग्रवाल, अनुराग जैन शैलू, धु्रवसिंह सिसौदिया, किंजल्क हुण्डैत, दीपक पाराशर, विक्रांत रावत, हरेन्द्र प्रताप, जगभान सिंह राजपूत आदि उपस्थित रहे।



