जिला समाज कल्याण कार्यालय एवं बाल संरक्षण इकाई के कार्यों की हुई समीक्षा बैठक
A review meeting of the works of the District Social Welfare Office and Child Protection Unit was held

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
लातेहार। उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता की अध्यक्षता में जिला समाज कल्याण कार्यालय एवं बाल संरक्षण इकाई के कार्यों की समीक्षा बैठक शुक्रवार को समाहरणालय सभागार में आयोजित की गई। उपायुक्त ने बैठक में सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, आंगनबाड़ी केंद्र भवन की भौतिक स्थिति, पोषण ट्रैकर ऐप, आंगनबाड़ी केंद्रों में टी.एच.आर. वितरण की स्थिति, आंगनबाड़ी सेविका/ सहायिका की रिक्ति की स्थिति, विधवा पुनर्विवाह प्रोत्साहन योजना की स्थिति, आंगनबाड़ी सेविका/सहायिकाओं के मानदेय/अतिरिक्त मानदेय भुगतान की स्थिति, पोषाहार मद में प्राप्त आवंटन एवं व्यय की स्थिति, मिशन वात्सल्य योजना के कार्य प्रगति की समीक्षा कर आवश्यक व उचित दिशा निर्देश दिया गया। बैठक में उपायुक्त ने सभी सीडीपीओ को निर्देशित किया कि वे यह सुनिश्चित करें कि सभी आंगनबाड़ी केंद्र प्रतिदिन सुचारू रूप से संचालित हों। उन्होंने कहा कि प्रत्येक दिन केंद्रों की जियो-टैग की गई तस्वीरें संबंधित ग्रुप में भेजी जाएं, जिससे नियमित निगरानी संभव हो सके। इसके साथ ही जिन सेविका, सहायिका का अटेंडेंस 100 प्रतिशत नहीं है उनके मानदेय का भुगतान कटौती कर करने का निदेश दिया गया। इसके अलावा उन्होंने आंगनवाड़ी केंद्रों में रिक्त सेविका, सहायिका के पदों की समीक्षा के क्रम में आगामी 30 जून तक रिक्त पदों पर नियुक्ति करने का निर्देश दिया। समीक्षा के क्रम में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी को निर्देश देते हुए उपायुक्त ने कहा की विभाग द्वारा जितनी भी योजनाएं चलाई जा रही है, उन सभी में लक्षित लक्ष्य के विरुद्ध शत प्रतिशत उपलब्धि को प्राप्त करें। इसके लिए उन्होंने सभी सेविका, सहायिकाओं के साथ बैठक कर सभी योजनाओं में निर्धारित लक्ष्य के प्राप्ति के लिए समुचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में आधारभूत संरचना एवं भवन निर्माण की जानकारी लेते हुए निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और समयबद्ध पूर्णता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसके अलावे पोषण ट्रैकर एप के अनुसार पूरक पोषाहार प्राप्त करने वाले लाभुकों में गर्भवती महिला, धात्री महिला, विभिन्न आयु वर्ग के बच्चों आदि की समीक्षा की गई तथा डेटा अपडेट करने का निर्देश दिया गया। समर अभियान की समीक्षा के क्रम में समर अभियान के तहत कुपोषण एवं एनीमिया से ग्रसित बच्चों, युवतियों, गर्भवती महिलाओं को चिन्हित कर उपचार हेतु MTC भेजने एवं एमटीसी केंद्र के सुचारू रूप से संचालन के लिए नियमित अनुश्रवण एवं निगरानी सुनिश्चित करने को कहा। इसके अलावे मिशन वात्सल्य व जिला बाल संरक्षण इकाई के कार्यों की समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने विशेष रूप से कमजोर वर्गों के बच्चों की सुरक्षा, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन के लिए सभी जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिए। मानव तस्करी के तहत दर्ज हुए मामले एवं उनमें किए गए बच्चों के रेस्क्यू कार्य की जानकारी लेते हुए सक्रिय होकर कार्य करने को कहा गया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों व कर्मियों को जमीनी स्तर पर कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने विशेष परिस्थितियों में रह रहे किशोर-किशोरियों की सुरक्षा और उनके समग्र विकास के लिए सक्रिय भूमिका निभाने की बात कही। उपायुक्त ने कहा कि बाल संरक्षण बहुत जरूरी है, इसके लिए सभी को सहयोगात्मक भावना से काम करने की जरूरत है। बैठक में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी अल्का हेंब्रम, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ चंदन, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा अजय कच्छप, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी रीना कुमारी, सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी एवं महिला पर्यंवेक्षिकाये एवं कार्यालय कर्मी उपस्थित थे।



