
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
चौसाना। वर्षों से चली आ रही जल निकासी की समस्या के समाधान की उम्मीद पर एक बार फिर संकट खड़ा हो गया है। सार्वजनिक रास्ते पर कराए जा रहे नाला निर्माण को कुछ ग्रामीणों द्वारा रोक दिए जाने से गांव की गलियों में जलभराव की समस्या फिर गहराने लगी है। नाराज ग्रामीणों ने मौके पर एकत्र होकर विरोध जताया और उपजिलाधिकारी ऊन से मिलकर नाला निर्माण शुरू कराने व जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की।
चौसाना क्षेत्र के ग्राम टोडा में खसरा संख्या 376 राजस्व अभिलेखों में रास्ते के रूप में दर्ज है। इस मार्ग पर पहले से खड़ंजा लगा हुआ है, लेकिन नालियों की समुचित व्यवस्था न होने के कारण वर्षों से गांव की गलियों का गंदा पानी इसी रास्ते पर भरता रहा था। बरसात के दिनों में हालात इतने खराब हो जाते हैं कि ग्रामीणों का निकलना दूभर हो जाता है।
ग्रामीण रतेंदर, सतेन्द्र ,आकाश, आदि की मांग पर ब्लाक प्रमुख रामपाल सिंह द्वारा करीब चार सौ मीटर लंबे नाले के निर्माण की शुरुआत कराई गई। नाले का एक साइड का निर्माण कार्य पूरा भी कर लिया गया, जिससे लोगों को राहत की उम्मीद जगी थी। इसी बीच गांव के ही कुछ ग्रामीणों ने अपने घरों के सामने नाला बनने का विरोध करते हुए दूसरी साइड का निर्माण रुकवा दिया। इससे पूरा कार्य ठप हो गया।
नाला निर्माण रुकते ही गांव में नाराजगी फैल गई। कई ग्रामीण बोबी, राजीव, ब्रजपाल, विक्रम, संदीप, कुलवीर आदि नाले के पास इकट्ठा हुए और सार्वजनिक कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए विरोध जताया। ग्रामीणों का कहना है कि निजी स्वार्थ के चलते पूरे गांव को परेशानी में डालना गलत है। यदि नाला पूरा नहीं हुआ तो गलियों में पानी भरेगा और संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ेगा।
वहीं कुछ ग्रामीण उपजिलाधिकारी ऊन संदीप त्रिपाठी से मिले और रास्ते की पैमाइश कराकर नाला निर्माण दोबारा शुरू कराने की मांग की। इस पर एसडीएम संदीप त्रिपाठी ने तहसीलदार को मौके पर जाकर समस्या का शीघ्र समाधान करने और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।


