बेतुल

बैतूल व्हाइट टापिंग सड़क रात के अंधेरे में काला काम 

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बैतूल : व्हाइट टापिंग सड़क निर्माण में डामर की 20 लाख की राशि डकार गए ठेकेदार और अधिकारी बैतूल में व्हाइट टापिंग सड़क में हो रहा है खुला भ्रष्टाचार डामर के नाम पर 20 लाख रुपए की राशि स्वीकृत निर्माण कार्य में डामर का उपयोग नहीं पीडब्ल्यूडी कार्यपालन यंत्री प्रीति पटेल का ठेकेदार को खुला संरक्षण बैतूल की जनता के साथ किस तरह चल और धोखाधड़ी की जाती है ऐसा ही एक उदाहरण पीडब्ल्यूडी विभाग के संरक्षण में शहर में बन रही व्हाइट टापिंग सड़क निर्माण में देखने में आ रहा है आश्चर्य की बात तो यह है कि व्हाइट टापिंग सड़क निर्माण कार्य में डामर के उपयोग के लिए 20 लाख रुपए स्वीकृत किए गए लेकिन अभी तक जहां-जहां सड़क बन चुकी है वहां पर एक बूंद डामर का इस्तेमाल नहीं किया गया है ‌।जिले में बन रही व्हाइट टॉपिंग सड़क मैं ठेकेदार और अधिकारी की मिली भगत से  गुणवत्ता हीन निम्न स्तर का गुणवत्ताहीन काम चल रहा है बैतूल व्हाइट टॉपिंग सड़क निर्माण में एक तकनीक है, जिसमें मौजूदा डामर सड़क की ऊपरी परत को हटाकर डामर की एक मोटी परत बिछाई जाती है। यह तकनीक सड़कों को मजबूत और टिकाऊ बनाने में मदद करती है। व्हाइट टॉपिंग से सड़कों का रखरखाव भी आसान हो जाता है और यह लंबी अवधि में फायदेमंद साबित होती है।पुरानी सड़क की सतह को हटाना सबसे पहले, मौजूदा डामर की सड़क की ऊपरी परत को हटा दिया जाता है। उसके बाद डामर की परत बिछा दीं जाती है उसके व्हाइट टापिंग रोड का निर्माण किया जाता है किंतु ऐसा ना करके सीधे ठेकेदार द्वारा व्हाइट टापिंग सड़क का मटेरियल डालकर काम किया जा रहा है यह सारा कार्य ठेकेदार और पीडब्ल्यूडी अधिकारी प्रीति पटेल की मिली भगत से चल रहा है। व्हाइट टैपिंग रोड के निर्माण कार्य में डामर डालकर सड़क निर्माण कार्य  किया जाना था। डामर के लिए 20 लाख रुपए की राशि भी स्वीकृत करा ली गई है किंतु न ही डामर की परत बिछाई गई है और ना ही  पुरानी रोड को लेवल किया गया है और ठेकेदार द्वारा व्हाइट टापिंग मटेरियल डालकर रोड का निर्माण कार्य धड़ल्ले से किया जा रहा है।
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button