मथुरा

संतान सुख की चाह में राधाकुंड में डुबकी लगाएंगे निसंतान दंपती

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
मथुरा। राधाकुंड में अहोई अष्टमी पर संतान सुख की आस में लाखों की संख्या में दंपती राधाकुंड पहुंचकर पवित्र कुंड डुबकी लगाएंगे। मेले के लिए प्रशासन द्वारा तैयारी की जा रही हैं। राधा-श्याम कुंड में 13 अक्तूबर सोमवार की अर्धरात्रि 12 बजे से स्नान शुरू होगा। मणिपुर, पंजाब, महाराष्ट्र, दिल्ली एनसीआर, राजस्थान, हरियाणा, मध्य प्रदेश, गुजरात, असम, बंगाल सहित अलीगढ़, बरेली व अन्य जिलों से निसंतान दंपती यहां स्नान के लिए पहुंचेंगे। इसके लिए कस्बे में धर्मशाला, मंदिर, मठों में विवाहित जोड़े रुकेंगे। यहां भी अधिकांश में बुकिंग हो चुकी हैं। अहोई देवी मंदिर के सेवायत नंदकिशोर गोस्वामी ने बताया कि देश-विदेश से निसंतान दंपती राधाकुंड में स्नान करने के लिए आते हैं। चंद्रमा के दर्शन कर निसंतान दंपती संतान प्राप्ति के लिए राधा श्याम कुंड के जल में पेठे का फल प्रवाहित करते हैं। राधाकुंड को अरिष्ठासुर का नगर व अरीठ वन के नाम से जाना जाता है। अरिष्ठासुर नामक की शेर से भी तेज दहाड़ से आसपास के क्षेत्र में रहने वाली गर्भवती महिलाओं के गर्भ गिर जाते थे। इसी राक्षस ने राजा कंस के कहने पर गाय के बछड़े का रूप धारण कर बालकृष्ण पर आक्रमण किया था। बालकृष्ण के हाथों बछड़े के रूप में राक्षस अरिष्ठसुर का वध होने पर कृष्ण को गो हत्या का पाप लगा। इस पाप से मुक्ति के लिए कृष्ण ने दीपावली से 8 दिन पहले अहोई अष्टमी की रात राधा श्याम कुंड का निर्माण किया। इन दोनों कुंडों के जल का रंग अलग-अलग है। राधाकुंड का श्वेत जबकि कृष्ण कुंड का जल काला है। जबकि राधा-श्याम कुंड दोनों आपस में मिले हुए हैं।
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