1947 में बेगार प्रथा के विरोध में दी थी रमेश स्वामी ने शहादत
अमर शहीद रमेश स्वामी जी का बलिदान दिवस 5 फरवरी को

हाथों में ध्वज पताका लिए प्रातः निकलेंगी प्रभात फेरी
आर्य समाज पद्धति से होगा हवन यज्ञ
पुष्पांजलि अर्पित कर दीं जाएगी श्रद्धांजलि
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
भरतपुर : शहीदों की चिताओं पर हर वर्ष लगेंगे मेले,वतन पर मरने वालों का यहीं बाकी नामों निशान होगा।इन पंक्तियों को सुनकर भरतपुर जिले के भुसावर कस्बे को राजस्थान ही नहीं बल्कि पूरे देश में पहचान दिलाने वाले अमर शहीद रमेश स्वामी जी का 79 वां बलिदान दिवस 5 फरवरी गुरुवार को नम आंखों से गर्व के साथ विभिन्न कार्यक्रमों के साथ मनाया जाएगा। जहां 5 फरवरी गुरुवार के दिन हर युवक, महिला, बुज़ुर्ग और बच्चे स्वामी जी को याद करते हुए आंखों में आसूं लिए अमर शहीद रमेश स्वामी पार्क में पहुंच कर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि देंगे। वहीं अमर शहीद रमेश स्वामी जी के परिवार जनों ने जानकारी देते हुए बताया कि त्याग और बलिदान के लिए कस्बे की भूमि पर ब्राह्मण कुल में पिता जुगल किशोर शर्मा जी के यहां माता गुलाब कौर की कोख से 1904 में जन्मे रमेश स्वामी जी जिनका मूल नाम कुन्दन लाल शर्मा था। ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ लोहा लेते हुए बेगार प्रथा का विरोध किया। और विरोध में बस के नीचे लेट गए और अंग्रेजी हुकूमत ने उनके ऊपर 5 फरवरी 1947 को बस चढ़ा दी जहां उन्होंने अपने प्राणों की आहुति दे दी। अमर शहीद रमेश स्वामी जी के 79 वें बलिदान दिवस पर 5 फरवरी गुरुवार को सुबह 5 बजे हाथों में ध्वज पताका लिए प्रभात फेरी पोस्ट ऑफिस के पास सरकारी अस्पताल सड़क मार्ग स्थित रमेश स्वामी पार्क निकालते हुए जब तक सूरज चांद रहेगा, स्वामी जी आप का नाम रहेगा,,, के साथ भारत माता एवं वीर शहीदों के जयघोष से वातावरण को गुंजायमान और देश भक्ति मय कर दिया जाएगा। प्रभात फेरी के बाद रमेश स्वामी पार्क में कन्या गुरुकुल आर्य समाज की छात्राओं एवं पदाधिकारियों के द्वारा आर्य पद्धति से हवन यज्ञ कर स्वामी जी की आत्मा शांति के लिए आहुतियां प्रदान की जाएगी। वहीं रमेश स्वामी पार्क में माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए श्रद्धांजलि दी जाएगी।



