बागपत
बिराल गांव में 12 बीघा सरकारी जमीन पर दबंगों का अवैध कब्जा
पीडब्ल्यूडी व राजस्व विभाग की चुप्पी पर सवाल

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बागपत (उत्तर प्रदेश)। जनपद बागपत के थाना रमाला क्षेत्र के ग्राम बिराल में सरकारी भूमि पर बड़े पैमाने पर अवैध कब्जा और निर्माण कार्य जारी होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि बस स्टैंड के पास खसरा नंबर 344, जो कि करीब 12 बीघा सरकारी भूमि है, उस पर कई लोगों ने कब्जा जमाकर पक्के निर्माण खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, कुछ दबंगों ने न केवल कब्जा किया है बल्कि वहां दुकानें और व्यावसायिक संस्थान भी बना लिए हैं, जबकि कुछ जगहों पर निर्माण कार्य अभी भी जारी है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस जमीन की कीमत करोड़ों में आंकी जा रही है और सिर्फ एक ही परिवार — यामीन पुत्र रफीक ने लगभग 12 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन पर कब्जा कर लिया है।
ग्रामीणों ने इस पूरे प्रकरण की शिकायत कई बार जिला प्रशासन, राजस्व विभाग और पीडब्ल्यूडी को की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। राजस्व विभाग ने इस मामले में पीडब्ल्यूडी को पत्र भी भेजा था, लेकिन आरोप है कि विभाग के कुछ अधिकारियों ने मोटी रकम लेकर चुप्पी साध ली है।
ग्रामीणों में प्रशासन की इस उदासीनता को लेकर रोष व्याप्त है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो यह कब्जा स्थायी रूप ले लेगा और सरकारी जमीन पर अवैध बाजार खड़ा हो जाएगा।
ग्रामीणों ने बागपत जिला प्रशासन से मांग की है कि तत्काल इस अवैध कब्जे और निर्माण पर बुलडोज़र कार्रवाई कर जमीन को कब्जा मुक्त कराया जाए।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, मामला उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाया गया है, लेकिन अब तक न तो पीडब्ल्यूडी और न ही राजस्व विभाग ने मौके पर कोई दृश्यमान कार्रवाई की है।
इस पूरे प्रकरण ने स्थानीय प्रशासन, पीडब्ल्यूडी और राजस्व विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।



