बागपत
“सेवा ही सबसे बड़ा धर्म” — योगाचार्य विनोद कुमार से खास बातचीत

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बागपत। तितरौड़ा गांव के रहने वाले योगाचार्य विनोद कुमार पिछले 11 महीनों से बिना किसी लालच के एक्यूप्रेशर के माध्यम से लोगों का इलाज कर रहे हैं। उनके इस सेवा भाव ने उन्हें क्षेत्र में एक अलग पहचान दिलाई है। प्रस्तुत है उनके साथ सुरेंद्र मलानिया की खास बातचीत—
सवाल: आप कब से और कैसे इस सेवा कार्य से जुड़े?
विनोद कुमार:
मैं पिछले 11 महीनों से लगातार एक्यूप्रेशर के माध्यम से लोगों का इलाज कर रहा हूँ। शुरुआत में यह एक सीखने का माध्यम था, लेकिन जब लोगों को फायदा होने लगा तो इसे सेवा के रूप में आगे बढ़ाया।
सवाल: एक्यूप्रेशर क्या है और यह कैसे काम करता है?
विनोद कुमार:
एक्यूप्रेशर एक प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति है, जिसमें शरीर के विशेष बिंदुओं पर दबाव डालकर रोगों का उपचार किया जाता है। इससे शरीर की ऊर्जा संतुलित होती है और बिना दवा के राहत मिलती है।
सवाल: किन-किन बीमारियों में आपको सफलता मिली?
विनोद कुमार:
सिरदर्द, कमर दर्द, जोड़ों का दर्द, गैस, तनाव, अनिद्रा जैसी कई समस्याओं में लोगों को काफी राहत मिली है। कई मरीज तो ऐसे हैं जो दवाइयों से परेशान थे, लेकिन अब स्वस्थ जीवन जी रहे हैं।
सवाल: क्या आप इसके लिए कोई शुल्क लेते हैं?
विनोद कुमार:
नहीं, मैं इसे पूरी तरह सेवा के रूप में करता हूँ। मेरा मानना है कि अगर किसी के दर्द को कम कर सकता हूँ, तो वही मेरे लिए सबसे बड़ा पुरस्कार है।
सवाल: इस कार्य में आपको किन चुनौतियों का सामना करना पड़ा?
विनोद कुमार:
शुरुआत में लोगों को विश्वास दिलाना थोड़ा कठिन था, लेकिन जब उन्हें लाभ मिला तो उनका भरोसा बढ़ा। अब लोग खुद आकर दूसरों को भी लाते हैं।
सवाल: आपका भविष्य में क्या लक्ष्य है?
विनोद कुमार:
मैं चाहता हूँ कि ज्यादा से ज्यादा लोग इस प्राकृतिक चिकित्सा को अपनाएं और दवाइयों पर निर्भरता कम करें। आगे चलकर एक छोटा सा केंद्र खोलने की योजना है।
सुरेंद्र मलानिया का वक्तव्य
सुरेंद्र मलानिया:
“आज के समय में जहां लोग पैसे के पीछे भाग रहे हैं, वहीं विनोद कुमार जैसे लोग समाज के लिए प्रेरणा हैं। बिना किसी स्वार्थ के सेवा करना वास्तव में एक महान कार्य है। ऐसे लोगों को समाज में सम्मान मिलना चाहिए।”
योगाचार्य विनोद कुमार का यह सेवा कार्य न सिर्फ लोगों को स्वास्थ्य लाभ दे रहा है, बल्कि समाज में मानवता और सेवा भावना का संदेश भी फैला रहा है। उनके प्रयास निश्चित रूप से सराहनीय हैं और दूसरों के लिए प्रेरणास्रोत भी।
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