बरेली

फ़ूड विभाग की मिली भगत से चल रहा है मिलावट का खेल 

शहर से देहात तक मिलावट खोरों का सिंडीकेंट बरकरार

अधिक मुनाफे के लिए आम जन के जीवन से  खिलबाड़
नेशनल प्रेस टाइम्स ,ब्यूरो
बरेली। खाद्य सुरक्षा औषधि प्रशासन विभाग मिलावट खोरों पर अंकुश लगाने के लिए तमाम प्रयास कर रहा है लेकिन मिलावट खोरी का सिंडीकेंट तोडने में सफल नहीं हो पा रहे है। कम लागत में अधिक मुनाफे के खेल मॅलोगों के स्वास्थ्य से खिलबाड़ किया जा रहा है।
इससे प्रतीत होता है कि इसमें खाद्य विभाग की मिली भगत से मिलावट खोर फल फूल रहे हैं। बताते चलें से ऐसी कोई खाद्य सामिग्री अछूती नहीं रह गई है जिससे मिलावट का अंश शामिल न किया गया हो।
एफएसडीए के छापेमार अभियान में सैपिल लेकर लैव में जांच के लिए भेजे जाते है जांच रिपोर्ट आने में कई कई महीने लग जाते है जब तक कारोबारी खाद्य
सामिग्री ग्राहकों को बेचने में सफल हो जाते है। जांच रिपोर्ट में अधोमानक पाए जाने पर एडीएम न्यायालय में वर्षों तक अटके रहते है। जिस कारण कारोबारी मिलावट का सामान बेचने से गुरेज नही करते है। जिले भर में मिलावटखोरी का जाल फैला हुआ है।
मिलावटखोरी में नामचीन कारोबारी भी शामिल
खाद्य सामिग्री में मिलावट केखेल में छोटे कारोबारी ही नहीं बड़े बड़ेनामचीन कारोबारी भी शामिल हो रहे है।
बेहतर गुणवत्ता की पहचान बताकर महंगा बेचने के साथ उसमें भी मिलावट का खेल खेला जाता है। पिछले महीने एफएसडीए की रिपोर्ट में कई प्रतिष्ठित कारोबार की हकीकत सामने आयी थी।
मिलावटी खाद्य पदार्थों के सेवन से स्वास्थ्य खराब
शहर से देहात तक खाद्य तेल, मसाले, नमकीन, बनस्पति में मिलावट का खेल जारी है। पैकिट बन्द के बजाए खुले में खाद्य तेल की बिक्री खुलेआम की जा रही है जबकि प्रतिबंधित है। गली मोहल्लों की किराना दुकानों केसाथ मुख्य बाजारों में भी दुकानों पर भी मिलावटी सामान की बिक्री खुलेआम की जा रही है। कम लागत में अधिक मुनाफे केलिए लोगों की सेहत से हर दिन खिलबाड़ किया जा रहा है जबकि विभागीय अफसर अभियान चलाकर सैपिल लेकर खानापूर्ति करने में लगे रहते है।
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