मथुरा

खोखला हो चुका है बांकेबिहारी मंदिर का फर्श

14 साल पहले लगाई रेलिंग हटाई; भरे नहीं गए जमीन में छेद

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
मथुरा। वृंदावन में ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर की 162 वर्ष पुरानी इमारत में मंदिर प्रबंधन द्वारा मरम्मत में अनदेखी का खामियाजा उठाना पड़ा। 14 वर्ष पहले मंदिर में भीड़ नियंत्रण के लिए रेलिंग लगाई गई, लेकिन इस रेलिंग ने मंदिर की फर्श का खोखला कर दिया। रेलिंग हटा दी गई, लेकिन उसके गड्ढे ठीक से नहीं भरे गए। पानी रिसकर फर्श में पहुंचता रहा, दूसरे चूहों ने भी फर्श खोखली कर दी। कोविड काल में छह वर्ष पहले मंदिर प्रांगण का फर्श पूरी तरह नया बनवाना पड़ा था। ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर सेवायत दिनेश गोस्वामी ने बताते हैं कि वर्ष 2012 में मंदिर का प्रबंधन सिविल जज जूनियर डिवीजन के हाथ में था। मंदिर प्रांगण में भीड़ नियंत्रण को रेलिंग लगाई गई थीं। रेलिंग लगाने का कोई लाभ भक्तों को नहीं मिला। कई श्रद्धालु रेलिंग में फंस गए और तबीयत बिगड़ने पर हरियाणा के होडल निवासी बुजुर्ग महिला की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। मंदिर की व्यवस्था बदली और सन 2013 में सेवायतों की प्रबंधन कमेटी का चुनाव हुआ और प्रबंधन कमेटी के हाथ आ गया। कमेटी ने प्रांगण में लगी रेलिंग हटवा दी। लेकिन, रेलिंग के लिए किए गड्ढे को सही तरीके से भरा नहीं जा सका। इससे मंदिर की धुलाई के दौरान पानी गड्ढों से फर्श के अंदर पहुंचने लगा। चूहों ने भी फर्श खोखली कर दी। 2015 में मंदिर चबूतरे तक जमीन के अंदर से फर्श खोखला हो गया। चबूतरे के बीचो-बीच एक बड़ा गड्ढा हो गया। धीरे-धीरे कई स्थान पर गड्ढे हो गए। कोविड काल में जब श्रद्धालुओं का प्रवेश मंदिर में रुका तो नया फर्श बनवाया गया।
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