पाकुड़

डीएमएफटी न्यास परिषद की बैठक में विभिन्न योजनाओं के प्रस्ताव पर हुई चर्चा

Proposals for various schemes were discussed in the DMFT Trust Council meeting

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
पाकुड़। जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) न्यास परिषद की समाहरणालय सभागार में बुधवार देर शाम को हुई में बैठक उपायुक्त सह- परिषद के अध्यक्ष मनीष कुमार ने पंचायतों की सार्वांगीण विकास में विभिन्न सुसंगत पहलुओं पर विशेष रूप से चर्चाएं की। बैठक में पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी, उप विकास आयुक्त महेश कुमार संथालिया, विशेष कार्य पदाधिकारी त्रिभुवन कुमार सिंह, सांसद प्रतिनिधि श्याम यादव, पाकुड़ विधायक प्रतिनिधि गुलाम अहमद, लिट्टीपाड़ा विधायक प्रतिनिधि अजीजुल इस्लाम, महेशपुर विधायक प्रतिनिधि अदुद बदुद समेत पंचायतों के मुखिया व जिला स्तरीय पदाधिकारी, सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारी समेत अन्य उपस्थित थे। उपायुक्त मनीष कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि यह बैठक जिले के पंचायतों के विकास के लिए है। सभी अपने- अपने पंचायत क्षेत्रों के विकास को लेकर योजनाओं का चयन करें। क्रमवार सभी योजनाओं को लिया जायेगा। आप सभी विकास में सहयोग करें। राज्य सरकार सभी क्षेत्र में विकास को लेकर अग्रसर है। राशि के अनुकुल कार्य योजना तैयार कर, प्रशासनिक स्वीकृति की प्रक्रिया को ससमय पूरा किया जाए। जिन योजनाओं को लिया जा रहा है, उसकी निविदा जल्द जारी कर कार्य को शुरू करे, ताकि लोगों को योजनाओं का जल्द लाभ मिल सके। सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देश डीएमएफटी के तहत उपलब्ध राशि की खर्च करने/कौन-कौन सी योजनाओं को लिया जा सकता हैं उसकी जानकारी दी। कहा कि डीएमएफटी की राशि खनन से प्रभावित पंचायत क्षेत्रों (प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से) प्रभावित* हो रहा हैं वहीं किया जाना है। इसके लिए ग्राम सभा के माध्यम से योजनाओं का चयन किया जाता है। चयन के समय उच्च एवं निम्न प्राथमिकताओं का ध्यान रखना है। संपूर्ण जिले को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित क्षेत्र घोषित किया गया है। उपायुक्त ने उच्च प्राथमिकताओं में पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास, स्वच्छता आदि से संबंधित योजनाओं एवं निम्न प्राथमिकता में आधारभूत संरचना, सड़क – पुल/पुलिया, सिंचाई आदि से संबंधित योजनाओं को लेने की बात कहीं। उपायुक्त ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2025 -26 में डीएमएफटी कोष की राशि से खर्च उच्च प्राथमिकता वाली योजनाओं में 70 फीसद एवं निम्न प्राथमिकता वाली योजनाओं में 30 फीसद होगी।

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