ललितपुर
महिला कर्मी को प्रताडि़त करने व भ्रष्टाचार के आरोप में मुख्य आरक्षी बर्खास्त
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
ललितपुर। जनपद पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार और महिला कर्मी के उत्पीडऩ के गंभीर मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरक्षी जितेन्द्र यादव को सेवा से पदच्युत (डिसमिस) कर दिया गया है। उन पर महिला पुलिस कर्मी को बार-बार अलग-अलग मोबाइल नंबरों से फोन कर मानसिक रूप से प्रताडि़त करने, जान से मारने की धमकी देने तथा अफवाहें फैलाकर छवि धूमिल करने जैसे गंभीर आरोप सिद्ध हुए हैं। जानकारी के अनुसार, वर्ष 2025 में प्रधान लिपिक शाखा में तैनाती के दौरान मुख्य आरक्षी पर अवकाश पत्रावलियों के निस्तारण के नाम पर पुलिसकर्मियों से अवैध धन (उत्कोच) की मांग करने के आरोप लगे थे। इस दौरान एक महिला सहायक उपनिरीक्षक (लिपिक) को मामले की जानकारी होने पर आरोपी ने उसे लगातार फोन कर परेशान किया और धमकियां दीं। प्रकरण की प्रारंभिक जांच एएसपी को सौंपी गई थी, जिसमें आरोपी को दोषी पाया गया। इसके बाद नियमों के तहत विभागीय कार्रवाई करते हुए पुलिस महानिरीक्षक, झांसी परिक्षेत्र के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) झांसी द्वारा विस्तृत जांच कराई गई। करीब चार माह चली जांच में आरोप पूरी तरह प्रमाणित पाए गए। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी मुख्य आरक्षी अन्य पुलिसकर्मियों की बातचीत को गुप्त रूप से रिकॉर्ड कर उनका दुरुपयोग करता था और उन्हें ब्लैकमेल करता था। साथ ही, विवादित जमीनों पर अपराधियों के साथ मिलकर कब्जा करने, आपराधिक षडय़ंत्र रचने और कर्मचारियों पर दबाव बनाने के लिए सोशल मीडिया का दुरुपयोग करने के भी साक्ष्य मिले हैं। पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि आरोपी द्वारा लगाए गए वरिष्ठ अधिकारियों व कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार एवं अन्य आरोप पूरी तरह निराधार हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए 24 मार्च 2026 को मुख्य आरक्षी जितेन्द्र यादव को उत्तर प्रदेश पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।



