नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
ललितपुर। एक वकील को पुलिसवालों ने बुरी तरह पीटा, हवालात में बंद कर जूतों को चाटने के लिए मजबूर किया और वीडियो बनाकर कहा कि साले तूने बहुत परेशान कर रखा है, यह वीडियो वायरल करेंगे कि कैसे एक वकील जूते चाट रहा है। यह चौंकाने वाली घटना ललितपुर के एक थाने में हुई, जिसकी प्रथम सूचना रिपोर्ट अब दर्ज कर ली गई है। बाइस मार्च 2026 को रात 9.58 बजे कोतवाली थाने में दर्ज की गई। शिकायतकर्ता हैं बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश से पंजीकृत अधिवक्ता ग्राम गनगौरा के मजरा गुजरातन निवासी कृपाल सिंह पुत्र शिवप्रसाद ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के माध्यम से तहरीर देकर पुलिस की इस नृशंसता का खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि बीती 7 दिसंबर 2025 को शाम करीब 6 बजे गांव में एक छोटी सी घटना हुई। कृपाल सिंह की भांजी की गाड़ी पर दो युवकों ने कथित तौर पर हमला कर दिया। वकील ने 112 पर फोन कर मदद मांगी। लेकिन मौके पर पहुंचे चौकी दैलवारा के प्रभारी दरोगा ललित उज्जवल और दरोगा दीपक डागर ने उल्टा वकील और उनके चचेरे भाई केहर सिंह को घर से पकड़कर मारा-पीटा। दोनों को 112 की गाड़ी में ठूंसकर कोतवाली थाना ले गए और हवालात में बंद कर दिया। कुछ देर बाद दोनों दरोगा वापस आए और होमगार्ड परमाल सिंह को आदेश दिया कि इस वकील को बाहर निकालो, बहुत परेशान कर रखा है। फिर तीनों ने वकील को एक कमरे में ले जाकर लात-घूंसे और पट्टों से बुरी तरह पीटा। इसके बाद वकील को दोबारा हवालात से निकालकर आरक्षी दीपेंद्र के साथ मिलकर फिर मारा। आरोप है कि दरोगा दीपक डागर ने वकील के जूते चाटने को मजबूर किया और वीडियो रिकॉर्ड किया। वीडियो में कहा गया कि साले तूने बहुत परेशान कर रखा, मेरे जूतों को चाटो हम वायरल करेंगे कि एक वकील कैसे जूते चाट रहा है। वकील के तलवों और हथेलियों पर डंडे-बट्टों से मारपीट की गई, कान पकड़कर पटका गया, गला दबाया गया। धमकी दी गई कि अगर मेडिकल या बाहर किसी को बताया तो 20-20 पट्टे और मारेंगे या जान से मार देंगे। इसके बाद वकील को धारा 126, 136, 170 बीएनएस में फर्जी चालान कर दिया गया।
मेडिकल रिपोर्ट और अदालत का रोल
8 दिसंबर 2025 को परगना अधिकारी के सामने पेश किया गया। वकील ने अपनी पूरी पीड़ा बताई। 9 दिसंबर को जब वकील असहनीय दर्द से परेशान होकर ललितपुर अस्पताल गया तो इमरजेंसी में इलाज से इनकार कर दिया गया। बाद में एक्स-रे करवाकर दवाइयां ली गईं। वकील ने रजिस्टर्ड डाक और हाथों-हाथ एसएचओ तथा पुलिस अधीक्षक को सूचना दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आखिरकार 14 जनवरी 2026 को न्यायालय में प्रार्थना-पत्र देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई।
एफआईआर में कौन-कौन आरोपी?
इस मामले में चौकी दैलवारा के दरोगा दीपक डागर, दरोगा ललित उज्जवल, होमगार्ड परमाल सिंह, आरक्षी दीपेंद्र की कथित तौर पर संलिप्तता बतायी गयी। कोतवाली पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर उक्त लोगों के खिलाफ बीएनएस की धारा 133, 198, 333, 115(2), 352, 351(3) तथा 67 आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।



