अंतरराष्ट्रीय

ईरान युद्ध: इस्राइली मीडिया का दावा- अमेरिका से बातचीत को तैयार मोजतबा

ट्रंप ने बताया आखिर कब खुलेगा होर्मुज?

रियाद। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज जल्द खुलने का दावा किया है। फिलहाल ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक तेल आपूर्ति पर दुनिया की नजरें टिकी हैं।
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच एक बड़ा कूटनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। इस्राइली मीडिया आउटलेट ‘येदिओथ अहरोनोथ’ की रिपोर्ट के हवाले से अरब न्यूज ने दावा किया है कि ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई अमेरिका के साथ बातचीत के लिए तैयार है। रिपोर्ट ने ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची और अमेरिकी मध्यस्थ स्टीव विटकॉफ के बीच हुई बातचीत का हवाला दिया, जिसे ईरान में उच्च स्तरीय अधिकारियों द्वारा मंजूरी मिली थी। हालांकि इससे पहले ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने पहले ट्रंप के दावों को खारिज कर दिया था। उन्होंने कहा था कि तेहरान ने पिछले 24 दिनों से वॉशिंगटन के साथ कोई बातचीत नहीं की है।
क्या बोले ट्रंप?-यह अहम घटनाक्रम तब सामने आया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज बहुत जल्द खुलेगा। जो कि एक महत्वपूर्ण वैश्विक शिपिंग मार्ग है। उन्होंने सुझाव दिया कि इसका प्रबंधन अमेरिका और ईरान संयुक्त रूप से करेंगे। फ्लोरिडा में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि यदि तेहरान के साथ बातचीत सफल रही तो जलडमरूमध्य जल्द ही खुलेगा। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज प्रतिदिन 15 मिलियन बैरल कच्चे तेल और 5 मिलियन बैरल तेल उत्पादों का परिवहन करता है। यह वैश्विक समुद्री तेल व्यापार का लगभग 25 फीसदी है। हालांकि, क्षेत्र में संघर्ष के कारण अब यह जलमार्ग जोखिम भरा हो गया है।
सैन्य कार्रवाई टालने का दिया निर्देश-इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ने अमेरिकी युद्ध विभाग को ईरानी बिजली संयंत्रों और ऊर्जा स्थलों के खिलाफ किसी भी सैन्य कार्रवाई को पांच दिनों के लिए टालने का निर्देश दिया। उन्होंने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच तेहरान के साथ राजनयिक जुड़ाव का हवाला दिया गया। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा कि अमेरिका और ईरान ने पिछले दो दिनों में बहुत अच्छी और उत्पादक बातचीत की है। इसका मकसद इस क्षेत्र में आपसी दुश्मनी को खत्म करना है। ट्रंप ने इन चचार्ओं को गहन, विस्तृत और रचनात्मक बताया। उन्होंने आगे कहा कि बातचीत पूरे सप्ताह जारी रहेगी।
क्षेत्रीय संघर्ष और ऊर्जा सुरक्षा-यह महत्वपूर्ण घटनाक्रम ऐसे समय आया है जब अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच संघर्ष चौथे सप्ताह में प्रवेश कर गया है। इसके दूरगामी प्रभाव पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र से परे भी महसूस किए जा रहे हैं। वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। आपूर्ति में बाधाएं और नागरिक, सैन्य तथा ऊर्जा बुनियादी ढांचे को नुकसान हुआ है। इन प्रभावों में नागरिक, सैन्य और ऊर्जा संबंधी बुनियादी ढांचा शामिल है।

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