
कुवैत सिटी । पश्चिम एशिया संघर्ष एक बार फिर से गहराने के आसार नजर आने लगे हैं। ईरान की ओर से मंगलवार की देर रात से कई घंटों तक कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए गए। वहीं, अमेरिका ने भी जवाबी हमले में केश्म द्वीप पर आईआरजीसी के एक सैन्य केंद्र को निशाना बनाया है। वहीं, ईरान के हमलों में कुवैत के हवाई अड्डे को भी नुकसान पहुंचा है।
ईरान ने बुधवार को कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर कई मिसाइलें और ड्रोन हमले किए। इन हमलों में कुवैत के हवाई अड्डे को भी भारी नुकसान पहुंचा है। कुवैत ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा है कि देश के हवाई अड्डे पर एक ईरानी ड्रोन हमले के बाद वाणिज्यिक उड़ानों को निलंबित कर दिया है। इस हमले में कई लोग घायल हुए हैं।
ईरान पर अंतरराष्ट्रीय नियम तोड़ने का आरोप
मामले में कुवैत विदेश मंत्रालय ने इस हमले के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन के जरिए लगातार हमले किए जा रहे हैं, जो क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं। मंत्रालय के अनुसार तड़के हुए इस हमले में एयरपोर्ट समेत कई महत्वपूर्ण नागरिक ठिकानों और राजनयिक परिसरों को नुकसान पहुंचा। कुवैत ने इन हमलों को आक्रामक और अस्वीकार्य बताते हुए कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र चार्टर और सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का उल्लंघन है।
कुवैत सरकार ने कहा कि देश की संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा रेड लाइन है और इसे किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार ने संकेत दिया कि वह जवाबी कदमों पर विचार कर रही है। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल सऊद अब्दुलअजीज अल-ओतैबी ने बताया कि हमले के बाद आपातकालीन सेवाओं और मेडिकल टीमों को तुरंत सक्रिय किया गया। घायलों का इलाज जारी है। इस हमले में इमारत को गंभीर नुकसान पहुंचा और कई व्यक्तियों को चोटें आई हैं।



