गोड्डा
कारगिल चौक पर सिदो-कान्हो को ‘हूल नायक’ का दर्जा देने की झामुमो ने किया मांग

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
गोड्डा। कारगिल चौक पर सिदो कान्हो की जयंती के अवसर पर झामुमो कार्यकर्ताओं द्वारा श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। दौरान माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया और ‘हूल नायक सिदो-कान्हो अमर रहें’ के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। कार्यक्रम की अगुवाई झामुमो जिला अध्यक्ष प्रेमनंदन मंडल ने की। इस कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडों से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। सभी ने एकजुट होकर सिदो-कान्हो के संघर्ष, त्याग और बलिदान को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि इन दोनों महानायकों ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ जो विद्रोह किया। वह सिर्फ एक आंदोलन नहीं बल्कि आदिवासी समाज के अस्तित्व और सम्मान की लड़ाई थी। मौके पर प्रेमनंदन कुमार मंडल ने कहा कि संथाल हूल भारतीय इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय है, लेकिन इतिहासकारों द्वारा इसके साथ न्याय नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि आदिवासी नायकों के योगदान को सही तरीके से प्रस्तुत नहीं किया गया, जिससे नई पीढ़ी उनके असली महत्व से अनजान रह जाती है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सिदो-कान्हो को सिर्फ स्वतंत्रता सेनानी कहना उनके योगदान को सीमित करना है। उन्हें ‘हूल नायक’ के रूप में मान्यता दी जानी चाहिए, क्योंकि उन्होंने आदिवासी विद्रोह का नेतृत्व किया और अन्याय के खिलाफ संघर्ष की मिसाल पेश की। कार्यक्रम के अंत में सभी कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में मांग उठाई कि इतिहास की पुस्तकों में संशोधन कर सिदो-कान्हो को ‘हूल नायक’ के रूप में दर्ज किया जाए और उनके योगदान को उचित सम्मान दिया जाए। साथ ही यह संकल्प लिया कि आदिवासी अस्मिता और अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। मौके पर तालाबाबू हांसदा, इंद्रजीत पंडित, अब्दुल अंसारी, विजय महतो, राजू सोरेन, मंगल दे, जर्मन बास्की, दीपक दत्ता, सावन टुडू आदि मौजूद थे।


