ललितपुर

अल्फाजों का उजाला बुझा, मगर रोशन रहेंगी बशीर बद्र की गजलें

मशहूर शायर को भावभीनी श्रद्धांजलि, साहित्य प्रेमियों ने याद किए उनके यादगार अशआर

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
ललितपुर। उर्दू गजल की दुनिया के मशहूर शायर बशीर बद्र के निधन से साहित्य जगत में शोक की लहर है। उनकी शायरी ने दशकों तक मोहब्बत, तन्हाई, रिश्तों और जिन्दगी की सच्चाइयों को बेहद सादगी और गहराई केसाथ लोगों के दिलों तक पहुंचाया। उनके निधन को साहित्य प्रेमी एक युग के अंत के रूप में देख रहे हैं। प्रख्यात शायर बशीर बद्र की गजलें केवल किताबों तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि आम लोगों की जुबान और एहसास का हिस्सा बन गई। उनकी चर्चित गजल आंखों में रहा दिल में उतर कर नहीं देखा, कश्ती के मुसाफिर ने समुंदर नहीं देखा, आज भी इंसानी रिश्तों की गहराई और अधूरी समझ को बेहद खूबसूरती से बयान करती है। उनकी शायरी में प्रेम, संवेदना और जीवन की विडम्बनाएं बेहद सहज भाषा में सामने आती थीं। पत्थर मुझे कहता है मिरा चाहने वाला, मैं मोम हूँ उस ने मुझे छू कर नहीं देखा, जैसे अशआर उनकी संवेदनशीलता और रिश्तों की नासमझी को उजागर करते हैं। इसी तरह उनकी मशहूर रचना ऐसा लगता है जिन्दगी तुम हो, अजनबी जैसे अजनबी तुम हो, मोहब्बत की गहराई और जीवन में प्रेम के महत्व को अभिव्यक्त करती है। उनकी गजलों में दर्द चीखता नहीं था, बल्कि चुपचाप दिल में उतर जाता था। स्वतंत्र पत्रकार एवं स्तम्भकार सिद्धार्थ शर्मा ने बशीर बद्र को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनसे जुड़ा एक भावुक संस्मरण साझा किया। उन्होंने बताया कि उनके स्व.पिता प्रो. भगवत नारायण शर्मा का बशीर बद्र साहब से एक यादगार साहित्यिक संवाद हुआ था। बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय झांसी में परीक्षा मूल्यांकन कार्य के दौरान रेलवे वेटिंग रूम में दोनों की मुलाकात हुई और साहित्य पर ऐसी चर्चा शुरू हुई कि कई ट्रेनें छूट गईं, यहां तक कि बशीर बद्र साहब का आरक्षित टिकट वाली ट्रेन भी निकल गई। देर रात तक चली वह साहित्यिक बातचीत आज भी परिवार की अमूल्य स्मृति बनी हुई है। सिद्धार्थ शर्मा ने कहा कि बशीर बद्र की शायरी आने वाली पीढिय़ों को हमेशा यह सिखाती रहेगी कि सादगी में भी गहरी बात कही जा सकती है। उनके शब्द, उनके अशआर और उनकी गजलें हमेशा साहित्य प्रेमियों के दिलों को रोशन करती रहेंगी। अंत में उन्होंने बशीर बद्र साहब को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनके अल्फाज हमेशा जिन्दा रहेंगे और दिलों को रोशनी देते रहेंगे।
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