बरेली
अस्थि कलश कक्ष में दूसरे समुदाय को बसाने वाला भगवान दास न्यायालय में पेश

नेशनल प्रेस टाइम्स ,ब्यूरो
बरेली : नगर पंचायत रिठौरा क्षेत्र में धार्मिक और सार्वजनिक स्थलों को अतिक्रमण मुक्त कराने के दावों की पोल मंगलवार को रिठौरा में खुल गई। श्मशान भूमि के चारों ओर फैले अवैध कब्जे को हटवाने के लिए रिठौरा पुलिस चौकी प्रभारी आकाश चौधरी ने अभियान तो चलाया, लेकिन यह कार्रवाई पूरी तरह भेदभावपूर्ण और आधी-अधूरी साबित हुई।
पुलिस ने छोटा-मोटा अतिक्रमण हटाकर वाहवाही लूटने की कोशिश की, लेकिन मौके पर अवैध रूप से चल रहे रूई धुनाई मशीन के इंजन को हाथ तक नहीं लगाया गया। रसूखदारों के आगे बैकफुट पर दिखी पुलिस की इस कार्यप्रणाली से ग्रामीणों में भारी रोष है। क्षेत्र में चर्चा है कि आखिर किसके दबाव में इस मुख्य अतिक्रमण को छोड़ दिया गया? अब देखना यह है कि प्रशासन इस रूई धुनाई मशीन के इंजन को कब हटवाता है।
मामले में हाफिजगंज थाना पुलिस ने एक गंभीर मामले का पर्दाफाश करते हुए मोहल्ला इंद्रानगर निवासी भगवान दास प्रजापति को हिरासत में लिया है। आरोप है कि भगवान दास ने श्मशान भूमि के पवित्र ‘अस्थि कलश कक्ष’ में दूसरे समुदाय के एक परिवार को अवैध रूप से ठहराने और कब्जा कराने में मदद की थी। आस्था को ठेस पहुंचाने और शांति व्यवस्था से खिलवाड़ करने के इस मामले में पुलिस ने आरोपी भगवान दास पर शांति भंग की धारा में कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय में पेश किया है। जहां समाज अपनों की अंतिम निशानियां सहेजकर रखता है, उस पवित्र कक्ष का सौदा करने वालों पर सिर्फ शांति भंग का मामूली शिकंजा क्यों? और पुलिस रूई धुनाई मशीन के इंजन पर इतनी मेहरबान क्यों है।


