कैराना
डीएम के औचक निरीक्षण से पालिका में मचा हड़कंप
21 दिन बाद भी मृत्यु प्रमाण पत्र जारी न होने पर मांगा स्पष्टीकरण

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
कैराना। जिलाधिकारी शामली आलोक यादव ने सोमवार को नगर पालिका परिषद कैराना का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण की सूचना मिलते ही पालिका प्रशासन में हड़कंप मच गया। डीएम ने कार्यालय अधीक्षक, कर संग्रह, रिकॉर्ड रूम, जलकल, सफाई, लेखा विभाग, ऑटोमेशन कंट्रोल रूम नलकूप तथा जन्म-मृत्यु कार्यालय का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कई खामियां मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए सुधार के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने पालिका क्षेत्र के तालाबों के रखरखाव की जानकारी ली और उन्हें साफ-सुथरा रखने के निर्देश दिए। लेखा विभाग में डाक रजिस्टरों का निरीक्षण कर डीएम कार्यालय से प्राप्त पत्रावलियों की स्थिति की जानकारी ली। सफाई विभाग में संविदा व नियमित कर्मचारियों की संख्या और वाहनों का ब्योरा तलब किया गया। बताया गया कि पालिका में 196संविदाकर्मी तथा 158 नियमित कर्मचारी कार्यरत हैं। वहीं 28 ई-रिक्शा उपलब्ध होने के बावजूद केवल छह के संचालन की जानकारी मिलने पर डीएम ने नाराजगी जताई। चालक न होने के कारण बाकी ई-रिक्शा अनुपयोगी पड़े होने पर उन्होंने तत्काल व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए। फॉगिंग व्यवस्था की समीक्षा में तीन मशीन उपलब्ध होने के बावजूद केवल एक के उपयोग की जानकारी पर डीएम ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि संसाधन उपलब्ध होने के बावजूद उनका उपयोग न होना गंभीर लापरवाही है। इस दौरान डीएम ने कहा कि निरीक्षण की पूर्व सूचना मिलने के बावजूद व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया। कार्यशैली में बदलाव नहीं हुआ तो कार्रवाई की जाएगी। जलकल विभाग के निरीक्षण में वर्ष 2021 से 2026 तक ऑनलाइन सर्वे अपडेट न होने तथा करीब 20 हजार रिकॉर्ड पोर्टल पर अपलोड न किए जाने पर भी डीएम ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन सीमित संख्या में भी रिकॉर्ड अपलोड किए जाते तो कार्य पूरा हो सकता था। ऑटोमेशन कंट्रोल रूम नलकूप का निरीक्षण किया गया।वहीं रिकॉर्ड रूम के दरवाजों में दीमक लगने पर भी उन्होंने फटकार लगाई।
जन्म-मृत्यु कार्यालय में अभिलेखों के निरीक्षण के दौरान 21 दिन से लंबित मृत्यु प्रमाण पत्र जारी न होने का मामला सामने आया। इस पर डीएम ने संबंधित बाबू जहांगीर से स्पष्टीकरण तलब किया। साथ ही निरीक्षण में मिली कमियों को एक माह के भीतर दूर करने के निर्देश देते हुए चेतावनी दी कि अगली समीक्षा में सुधार नहीं मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के बाद वार्ड सभासद तौसीफ चौधरी के नेतृत्व में आधा दर्जन सभासदों ने कस्बे में लगने वाले मेले पर प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर डीएम को ज्ञापन सौंपा और हाईकोर्ट के आदेश की प्रति भी दिखाई। इस पर डीएम ने एसडीएम कैराना शिवाजी यादव को मामले की जांच के निर्देश दिए। डीएम शामली ने अधिशासी अधिकारी कैराना समीर कश्यप को स्थान चिन्हित करके पार्क बनाने के भी निर्देश दिए।इस दौरान अधिशासी अधिकारी समीर कश्यप, निर्माण जेई राहुल कुमार सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।


