कैराना में बेखौफ सट्टा कारोबार! गली-मोहल्लों से चौराहों तक फैला नेटवर्क, कार्रवाई पर उठे सवाल
अवैध खाईबाड़ी से नागरिकों में आक्रोश, युवाओं के भविष्य पर मंडराया खतरा; शिकायतों के बाद भी नहीं थम रहा खेल
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
कैराना। नगर में अवैध सट्टा कारोबार लगातार पैर पसारता जा रहा है। शहर के विभिन्न मोहल्लों, गलियों और प्रमुख चौराहों तक फैले इस नेटवर्क को लेकर नागरिकों में गहरा रोष व्याप्त है। लोगों का आरोप है कि लंबे समय से सट्टे की खाईबाड़ी खुलेआम संचालित हो रही है, लेकिन इसके बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े होने लगे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर के एक चर्चित खाईबाड़ के इर्द-गिर्द पूरा नेटवर्क संचालित हो रहा है और उसके एजेंट शहर के अलग-अलग हिस्सों में सक्रिय बताए जा रहे हैं। आरोप है कि सट्टे का यह कारोबार अब गुपचुप नहीं बल्कि खुले तौर पर संचालित हो रहा है, जिससे आम लोगों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।नागरिकों का कहना है कि जब भी अवैध सट्टे की शिकायत की जाती है तो कुछ समय के लिए गतिविधियां बंद हो जाती हैं, लेकिन बाद में फिर से वही कारोबार शुरू हो जाता है। इसी वजह से लोगों में यह धारणा बन रही है कि कार्रवाई केवल औपचारिकता तक सीमित रह जाती है। यही कारण है कि अवैध कारोबार से जुड़े लोगों के हौसले लगातार बढ़ रहे हैं। बताया जा रहा है कि नगर के अफगानान चौराहा, घोसा चुंगी,भुल्लर मंदिर क्षेत्र,पथरों वाली गली,दरबार खुर्द, दरबार कलां,रेतावाला, झाड़खेड़ी रोड, गुलशन नगर, नवाब तालाब, इमाम गेट, ईदगाह रोड, खुरगान रोड, आलखुर्द,बिसातियान, बीचकी आल, आर्यपुरी, चौक बाजार, टीचर कॉलोनी, मायापुरी रोड और छड़ियान क्षेत्र समेत कई स्थानों पर सट्टे की खाईबाड़ी संचालित होने की चर्चाएं हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस अवैध कारोबार का सबसे ज्यादा असर युवाओं पर पड़ रहा है। आसानी से पैसा कमाने की लालसा में युवा वर्ग इस ओर आकर्षित हो रहा है,जिससे उनका भविष्य प्रभावित होने की आशंका बढ़ रही है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर अंकुश नहीं लगाया गया तो सामाजिक और आर्थिक स्थिति पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।लोगों ने आरोप लगाया कि शहर में सक्रिय सट्टा नेटवर्क अब इतना मजबूत हो चुका है कि संचालकों में कानून का भय कम होता दिखाई दे रहा है। खुलेआम गतिविधियों की चर्चाओं के बावजूद सख्त कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। नगरवासियों ने पुलिस व प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जिन क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों की शिकायतें मिल रही हैं वहां अभियान चलाकर कार्रवाई की जाए। साथ ही सट्टे के नेटवर्क से जुड़े लोगों की पहचान कर कठोर कदम उठाए जाएं, ताकि युवाओं को इस दलदल में जाने से रोका जा सके।वहीं, शहर में यह चर्चा भी तेज है कि यदि प्रशासन ने जल्द प्रभावी कदम नहीं उठाए तो अवैध कारोबार का यह नेटवर्क और अधिक फैल सकता है।अब लोगों की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई और आगामी रणनीति पर टिकी हुई हैं।


