ललितपुर
किसान दिवस में गूंजीं अन्नदाताओं की समस्याएं, दो अधिकारियों को नोटिस के निर्देश
बारदाना किल्लत, फसल बीमा भुगतान और अवैध वसूली पर किसानों का फूटा गुस्सा

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
ललितपुर। विकास भवन सभागार में सीडीओ की अध्यक्षता में आयोजित किसान दिवस में किसानों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर जोरदार तरीके से आवाज उठाई। बैठक में किसानों ने फसल बीमा भुगतान, गेहूं खरीद केन्द्रों पर अव्यवस्थाएं, खाद की उपलब्धता और ट्रैक्टरों से हो रही अवैध वसूली जैसे मुद्दों पर प्रशासन को घेरा। किसानों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सीडीओ ने कई विभागों को सख्त निर्देश जारी किए। इस दौरान बिना सूचना अनुपस्थित रहने पर चकबंदी अधिकारी और सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता के प्रति किसानों ने कड़ी नाराजगी जताई। इस पर सीडीओ ने उप कृषि निदेशक को दोनों अधिकारियों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। किसानों ने खरीफ 2025 और रबी 2025-26 में फसल नुकसान की क्षतिपूर्ति का भुगतान लंबित होने पर नाराजगी जताई। किसानों ने कहा कि वर्तमान बीमा कंपनी की कार्यप्रणाली बेहद खराब है, इसलिए उसे जिले में दोबारा कार्य करने की अनुमति न दी जाए और ब्लैकलिस्ट किया जाए। किसानों ने लंबित भुगतान की सूची सार्वजनिक करने की भी मांग उठाई। सीडीओ ने निर्देश दिए कि जिन किसानों का भुगतान बैंक आईएफएससी कोड बदलने या आधार सीडिंग की समस्या के कारण अटका है और जिन्होंने प्रपत्र-अ जमा कर दिया है, उन्हें शीघ्र भुगतान कराया जाए। बैठक में किसानों ने गेहूं क्रय केन्द्रों पर बारदाने की कमी और खरीद के बाद भंडारण की समस्या उठाई। अपर जिला खाद्य विपणन अधिकारी ने बताया कि जिले के 20 क्रय केन्द्रों पर अब तक 34 हजार बोरे भेजे जा चुके हैं तथा 11,237 खाली बोरे वितरण के लिए उपलब्ध हैं। अतिरिक्त बारदाना भी मंगाया जा रहा है। प्रशासन ने जानकारी दी कि खरीदे गए गेहूं के भंडारण के लिए अमरपुर मंडी में व्यवस्था की जा रही है। सीडीओ ने सहकारिता विभाग, खाद्य विपणन अधिकारी और पीसीएफ जिला प्रबंधक को प्रतिदिन कार्यालय में उपस्थित रहकर बारदाने की उपलब्धता की रिपोर्ट सीडीओ कार्यालय को भेजने के निर्देश दिए। किसानों ने आरोप लगाया कि गल्ला बेचने आने वाले ट्रैक्टर चालकों से नगर पालिका परिषद के कर्मचारी 50 की अवैध वसूली कर रहे हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए सीडीओ ने तत्काल नगर पालिका प्रशासन से फोन पर वार्ता कर ऐसी वसूली तत्काल बंद कराने के निर्देश दिए। बैठक में खरीफ फसलों के लिए खाद की उपलब्धता को लेकर भी चर्चा हुई। सीडीओ ने बताया कि जिले में खाद का पर्याप्त भंडार मौजूद है। जिले में 7,236 मीट्रिक टन लक्ष्य के मुकाबले 10,268 मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है, जबकि 9,458 मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष 12,018 मीट्रिक टन डीएपी स्टॉक में मौजूद है। इसके अलावा मसूर और मूंगफली क्रय केन्द्रों पर फसल बेचने वाले किसानों की सूची एक सप्ताह के भीतर सहकारिता विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। अंत में विषय वस्तु विशेषज्ञ मनमोहन साहू ने किसानों को बुंदेलखंड एकीकृत सोलर फेंसिंग योजना के लाभ, लागत और तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने किसानों को बताया कि इस योजना के माध्यम से फसलों को अन्ना पशुओं से बचाया जा सकता है। बैठक में उप कृषि निदेशक, जिला कृषि अधिकारी, सिंचाई, बिजली, वन, उद्यान, पशुपालन विभाग के अधिकारी, केवीके वैज्ञानिक, लीड बैंक मैनेजर तथा बीमा कंपनी के प्रतिनिधि मौजूद रहे। किसान संगठनों की ओर से केहर सिंह, सुरेश टोंटे, पहाड़ सिंह, राजपाल यादव, कीरत, मलखान सिंह, बाबूलाल दुबे, नवनी शर्मा, उदल पटेल, आशीष कौशिक, आनंद देवलिया, हरपाल सिंह प्रजापति, कृपाल सिंह, भगवत सिंह और विजय सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

