
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
चौसाना । भडी स्थित यमुना नदी में भैसांे को नहलाने के लिए गए चार युवको मे से एक युवक यमुना नदी के गहरे कुंड मे समा गया। साथी युवको ने डूबते युवक को बचाने का प्रयास किया तो लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। हादसे के बाद युवको ने परिजनो को हादसे की जानकारी दी। सूचना पर भारी संख्या मे ग्रामीण भडी गांव की ओर दौडे और भडी के ग्रामीणों की मदद से डूबे युवक को तलाशने की कोशिश की गई। ग्रामीणों का आरोप है कि हादसे के दो घंटे के बाद चौसाना पुलिस मौके पर पहुॅची। जिसके बाद बिडौली से गोताखोरो को एक दल भडी बुलाया गया। एक घंटे की मशक्कत के बाद गोताखोरो नेे युवक के शव को तलाश कर बाहर निकाला। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
चौसाना चौकी क्षैत्र के गांव जिजौला निवासी आरिश (20) पुत्र शहजाद अपने साथियों आवेश,इकरार व समीर के साथ भैसों को नहलाने के लिए भडी की यमुना नदी पर गया था। उसी दौरान आरिश गहरे कुंड मे फंस गया और डूब गया। बचाव बचाव का शोर सुनकर अन्य साथियों से आरिश को बचाने का प्रयास किया लेकिन बताते है कि दो मीटर दूर ही था कि नदी में समा गया। शोर सुनकर भडी के लोगो ने नदी मे जाकर युवक को तलाशने का प्रयास किया लेकिन कोई सफलता नही मिली। घटना करीब दोपहर एक बजे की है। ग्रामीणों का आरोप है कि तभी से पुलिस को सूचना देने की कोशिश की गई लेकिन सम्पर्क नही हो सका और ना ही पुलिस आई। जिस पर ग्रामीणों ने एसपी शामली को हादसे की जानकारी देकर मदद की मांग की ।
इसके बाद चौसाना व झिंझाना पुलिस मौके पर पहुॅची और गोताखोरो को बुंलाकर डूबे युवक को तलाशने का अभियान शुरू किया गया। डेढ घंटे की भारी मशक्कत के बाद डूबे युवक के शव को तलाश कर यमुना से बाहर निकाल लिया गया। इसके बाद परिजनो की तहरीर पर पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
ननिहाल में मकान बनाकर रहता है मृतक का परिवार
जिजौला मृतक आरिश का परिवार पिछले दो सालो से लगातार ननिहाल में मकान बनाकर रहता है। आरिश भी अपने परिवार के लिये मेहनत मजदूरी का काम करता था। आरिश की मौत के बाद परिवार को गमो का पहाड टूट गया है। मृतक के परिवार मे दो छोटी बहने आया (18 )मुस्कान (11)व एक छोटा भाईहुशेन (8)सहित मॉ बाप है। मृतक के पिता भी मजदूरी करते है।
थाना प्रभारी वीरेन्द्र कसाना के आदेश के बाद पांच गोताखोरों को बुलाया गया था
साजिद, मशरिक, आरिफ,बिडौली टीम को सफलता नहीं मिली
उसके बाद बेगी नाजर से आए हुए दो गोताखोर मोमीन,जहांगीर, को गोताखोर को बुलाया जिन्होंने 15 मिनट में ही 20 फीट नीचे बैठा शव था ढूंढ कर बाहर निकाल दिया।
हर साल यहां बच्चे डूब जाते है युवक,गहरे कुंड बने यमुना में
चौसाना। पिछले पॉच सालों में कई बार हादसे मे अब तक कई युवको की जान चली गई। यमुना नदी मे रेत निकालकर किए गये गहरे कुंड लोगो के लियम यम बने हुए है। बताया गया है कि जिस स्थान पर शुक्रवार को हादसा हुआ ,वहॉ स्टड बनाने का काम चल रहा है। जिस कारण यमुना नदी से रेत की निकासी की गई। ग्रामीण बताते है कि रेत 25-40 फीट नीचे तक खोदा गया है।
खेतों से गुजर रहे अवैध रेत ट्रकों पर फूटा किसानों का गुस्सा धान की फसल में पलटा ओवरलोड ट्रक, सैकड़ों किसानों ने किया प्रदर्शन; पुलिस ने कार्रवाई का दिया भरोसा
चौसाना क्षेत्र के भडी गांव के सामने हरियाणा की यमुना नदी में चल रही रेत खनन की आड़ में यूपी सीमा के खेतों का अवैध रूप से इस्तेमाल किए जाने का मामला शुक्रवार को तूल पकड़ गया। रेत से भरा एक ओवरलोड ट्रक धान की फसल वाले खेत में पलट गया, जिससे किसान को भारी नुकसान उठाना पड़ा। घटना के बाद सैकड़ों किसान मौके पर जमा हो गए और प्रशासन व खनन माफियाओं के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। किसानों का आरोप है कि दिन-रात खेतों के रास्ते अवैध तरीके से रेत से भरे ट्रकों की आवाजाही कराई जा रही है, जिससे फसलें बर्बाद हो रही हैं और ग्रामीणों की जान भी खतरे में पड़ गई है। मामला उस समय भड़क गया जब जिजौला निवासी इसरार द्वारा ठेके पर ली गई जमीन, जो रानी फूसगढ़ निवासी की बताई जा रही है, उसमें धान की रोपाई की गई थी। शुक्रवार को उसी खेत से गुजर रहा रेत से लदा ओवरलोड ट्रक अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया। ट्रक पलटते ही खेत में खड़ी धान की फसल पूरी तरह दब गई और खेत की मेढ़ें भी टूट गईं। सूचना मिलते ही आसपास के गांवों के किसान मौके पर पहुंच गए। देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और किसानों ने अवैध खनन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। किसानों का कहना था कि यमुना नदी में चल रही रेत की खान से जुड़े ट्रकों को यूपी सीमा में खेतों के रास्ते निकाला जा रहा है। इसके लिए किसी प्रकार की अनुमति नहीं ली गई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ट्रकों की लगातार आवाजाही से खेतों की मिट्टी खराब हो रही है, फसलें कुचली जा रही हैं और ग्रामीण रास्ते भी टूट चुके हैं। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। ग्रामीणों का गुस्सा इस बात को लेकर भी था कि ओवरलोड ट्रक तेज गति से गांवों के बीच से गुजरते हैं, जिससे हर समय हादसे का खतरा बना रहता है। किसानों ने कहा कि पहले भी कई बार प्रशासन को शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई। शुक्रवार की घटना के बाद किसानों का सब्र टूट गया और उन्होंने मौके पर ही ट्रकों की आवाजाही बंद कराने की मांग कर दी। सूचना पर थाना प्रभारी विरेन्द्र कसाना पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को शांत कराया और भरोसा दिलाया कि पलटे ट्रक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही किसान को हुए नुकसान का आंकलन कराकर भरपाई कराने का भी आश्वासन दिया। थाना प्रभारी ने कहा कि किसी को भी अवैध तरीके से खेतों और ग्रामीण रास्तों का इस्तेमाल नहीं करने दिया जाएगा। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में अवैध खनन और ओवरलोड वाहनों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। किसानों का साफ कहना है कि यदि प्रशासन ने सख्ती नहीं दिखाई तो आने वाले दिनों में आंदोलन और उग्र किया जाएगा।

