शामली
खेतों से गुजर रहे अवैध रेत ट्रकों पर फूटा किसानों का गुस्सा धान की फसल में पलटा ओवरलोड ट्रक
सैकड़ों किसानों ने किया प्रदर्शन; पुलिस ने कार्रवाई का दिया भरोसा

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
चौसाना। चौसाना क्षेत्र के भडी गांव के सामने हरियाणा की यमुना नदी में चल रही रेत खनन की आड़ में यूपी सीमा के खेतों का अवैध रूप से इस्तेमाल किए जाने का मामला शुक्रवार को तूल पकड़ गया। रेत से भरा एक ओवरलोड ट्रक धान की फसल वाले खेत में पलट गया, जिससे किसान को भारी नुकसान उठाना पड़ा। घटना के बाद सैकड़ों किसान मौके पर जमा हो गए और प्रशासन व खनन माफियाओं के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। किसानों का आरोप है कि दिन-रात खेतों के रास्ते अवैध तरीके से रेत से भरे ट्रकों की आवाजाही कराई जा रही है, जिससे फसलें बर्बाद हो रही हैं और ग्रामीणों की जान भी खतरे में पड़ गई है। मामला उस समय भड़क गया जब जिजौला निवासी इसरार द्वारा ठेके पर ली गई जमीन, जो रानी फूसगढ़ निवासी की बताई जा रही है, उसमें धान की रोपाई की गई थी। शुक्रवार को उसी खेत से गुजर रहा रेत से लदा ओवरलोड ट्रक अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया। ट्रक पलटते ही खेत में खड़ी धान की फसल पूरी तरह दब गई और खेत की मेढ़ें भी टूट गईं। सूचना मिलते ही आसपास के गांवों के किसान मौके पर पहुंच गए। देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और किसानों ने अवैध खनन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। किसानों का कहना था कि यमुना नदी में चल रही रेत की खान से जुड़े ट्रकों को यूपी सीमा में खेतों के रास्ते निकाला जा रहा है। इसके लिए किसी प्रकार की अनुमति नहीं ली गई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ट्रकों की लगातार आवाजाही से खेतों की मिट्टी खराब हो रही है, फसलें कुचली जा रही हैं और ग्रामीण रास्ते भी टूट चुके हैं। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। ग्रामीणों का गुस्सा इस बात को लेकर भी था कि ओवरलोड ट्रक तेज गति से गांवों के बीच से गुजरते हैं, जिससे हर समय हादसे का खतरा बना रहता है। किसानों ने कहा कि पहले भी कई बार प्रशासन को शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई। शुक्रवार की घटना के बाद किसानों का सब्र टूट गया और उन्होंने मौके पर ही ट्रकों की आवाजाही बंद कराने की मांग कर दी। सूचना पर थाना प्रभारी विरेन्द्र कसाना पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को शांत कराया और भरोसा दिलाया कि पलटे ट्रक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही किसान को हुए नुकसान का आंकलन कराकर भरपाई कराने का भी आश्वासन दिया। थाना प्रभारी ने कहा कि किसी को भी अवैध तरीके से खेतों और ग्रामीण रास्तों का इस्तेमाल नहीं करने दिया जाएगा। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में अवैध खनन और ओवरलोड वाहनों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। किसानों का साफ कहना है कि यदि प्रशासन ने सख्ती नहीं दिखाई तो आने वाले दिनों में आंदोलन और उग्र किया जाएगा।
