गाजियाबाद

डेयरी संचालक को गोली मार अगवा करने वाले बदमाश पुलिस की पहुंच से दूर

लापरवाही बरतने पर डीसीपी का बड़ा एक्शन, थाना प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मी सस्पेंड

अपहृत ओमकार की तलाश में क्राइम ब्रांच सहित एक दर्जन टीमे लगाई गई 
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी गाजियाबाद : लोनी कोतवाली क्षेत्र में डेयरी संचालक ओमकार उर्फ ओमन के अपहरण और फायरिंग की सनसनीखेज वारदात के 48 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। बदमाशों का कोई सुराग न लगने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है, जबकि पुलिस प्रशासन पर लगातार अधिकारियों और ग्रामीणो का दबाव बढ़ता जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक गांव गनौली निवासी ओमकार शनिवार सुबह पशुओं का चारा लेने के लिए घर से निकला था। बताया गया है कि जैसे ही वह खरखड़ी अंडरपास के पास पहुंचा, पहले से घात लगाए बैठे बदमाशों ने उस पर  गोलियां चला दीं। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी घायल ओमकार को जबरन गाड़ी में डालकर अपने साथ ले गए।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस को घटनास्थल से खून के निशान, कई खोखे और ओमकार की बाइक पड़ी मिली। घटना की खबर सुनते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। गुस्साए लोगों ने बंथला-चिरौड़ी मार्ग पर सडक जाम लगाकर पुलिस के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने आरोपियों की गिरफ्तारी और अपहृत की सकुशल बरामदगी की मांग को लेकर घंटों हंगामा किया।
मामले में पीड़ित परिवार ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। परिवार का आरोप है कि 20 मई को ओमकार के बेटे देवांश पर गांव के कुछ युवकों ने जानलेवा हमला करने की कोशिश की थी। उस दौरान देवांश किसी तरह गांव में भागकर अपनी जान बचाने में सफल रहा था। पीड़ित पक्ष का कहना है कि घटना की लिखित शिकायत लोनी कोतवाली में दी गई थी, लेकिन पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। आरोप है कि उसी रंजिश के चलते अब बदमाशों ने ओमकार को निशाना बनाया।
घटना के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। मामले में लापरवाही सामने आने पर डीसीपी ग्रामीण ने चिरौड़ी चौकी इंचार्ज, एसएसआई और थाना प्रभारी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। वहीं अपहरणकर्ताओं की गिरफ्तारी और ओमकार की बरामदगी के लिए एक दर्जन पुलिस टीमें और क्राइम ब्रांच को लगाया गया है।
अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर राजकरण नैय्यर ने भी घटनास्थल का दौरा कर पीड़ित परिवार से मुलाकात की। और उन्हें जल्द इस मामले का खुलासे करने का भरोसा दिलाया, लेकिन अब तक कोई ठोस सफलता पुलिस के हाथ न लगने से परिवार और ग्रामीणों में नाराजगी बनी हुई है।
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि दिनदहाड़े फायरिंग कर अपहरण जैसी घटनाएं पुलिस की कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करती हैं। लोगों में दहशत का माहौल है और सभी की निगाहें अब पुलिस कार्रवाई पर टिकी हुई हैं कि आखिर कब तक आरोपी सलाखों के पीछे पहुंचेंगे और ओमकार सकुशल घर लौट पाएंगे।
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