झुंझुनू

जातिसूचक और समाज की महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी का मामला गरमाया मलसीसर थाने में रिपोर्ट दर्ज

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
झुंझुनूं। जिले के मलसीसर थाना क्षेत्र के गांव बासड़ी में सोशल मीडिया पर कथित रूप से जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर अनुसूचित जाति समाज को अपमानित करने तथा समाज की महिलाओं के विरुद्ध अभद्र टिप्पणियां करने का मामला सामने आया है। पूर्व भीम आर्मी जिलाध्यक्ष विकास आल्हा ने बताया कि पीड़ित निवास कुमार मेघवाल ने आरोपी के खिलाफ पुलिस थाना मलसीसर में लिखित शिकायत प्रस्तुत कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आरोपी राजकुमार नूनिया ने एक सार्वजनिक सोशल मीडिया ग्रुप में जातिसूचक एवं अपमानजनक भाषा का प्रयोग करते हुए मेघवाल समाज को निशाना बनाया। साथ ही निजी मोबाइल संदेशों के माध्यम से भी आपत्तिजनक एवं धमकीपूर्ण संदेश भेजे। शिकायतकर्ता का कहना है कि आरोपी की टिप्पणियों से उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है तथा पूरे समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। पीड़ित पक्ष ने पुलिस को चैट, स्क्रीनशॉट, ऑडियो रिकॉर्डिंग सहित अन्य डिजिटल साक्ष्य उपलब्ध कराने की बात कही है। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि आरोपी द्वारा समाज की महिलाओं के संबंध में की गई टिप्पणियां अत्यंत अशोभनीय और आपत्तिजनक हैं जिससे समाज में रोष व्याप्त है। पुलिस थाना मलसीसर द्वारा शिकायत प्राप्त कर मामले का संज्ञान लिया गया है। प्रारंभिक जांच के दौरान मामला भारतीय न्याय संहिता BNS, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम, 1989 तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किए जाने योग्य पाया गया है। नियमानुसार प्रकरण को आगे की जांच हेतु संबंधित अधिकारी को प्रेषित कर दिया गया है। प्रोफेसर जयलाल सिंह ने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारे के लिए गंभीर चुनौती हैं। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर किसी भी समाज, वर्ग या समुदाय की गरिमा को ठेस पहुंचाना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।घटना के बाद क्षेत्र के सामाजिक संगठनों एवं समाज के लोगों में रोष व्याप्त है। पूर्व भीम आर्मी जिलाध्यक्ष विकास आल्हा ने कहा कि यदि मामले में आरोपियों के विरुद्ध शीघ्र प्रभावी कार्रवाई एवं गिरफ्तारी नहीं की गई तो विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा जिला मुख्यालय पर लोकतांत्रिक आंदोलन किया जाएगा जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। उन्होंने कहा कि समाज में जातीय वैमनस्य फैलाने तथा महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाले कृत्यों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। उल्लेखनीय है कि मामले की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है तथा आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
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