झुंझुनू

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने किया स्वाधीनता की दास्तान पुस्तक का विमोचन

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
झुंझुनूं। लेखक धर्मपाल गाँधी द्वारा लिखित शोधपरक पुस्तक स्वाधीनता की दास्तान का विमोचन राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने जयपुर में किया। वर्तमान अंकुर प्रकाशन, नोएडा द्वारा प्रकाशित यह पुस्तक स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास, राष्ट्रीय चेतना और महात्मा गाँधी के नेतृत्व में चले जनआंदोलनों का व्यापक एवं प्रामाणिक दस्तावेज़ मानी जा रही है। इस अवसर पर पीसीसी सदस्य रणजीत सिंह चंदेलिया, राजीव गांधी पंचायती राज संगठन, झुंझुनू के जिलाध्यक्ष विजय मील, शिक्षाविद एवं सामाजिक कार्यकर्ता मनजीत सिंह तंवर, लेखक धर्मपाल गाँधी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
पुस्तक का विमोचन करते हुए अशोक गहलोत ने कहा कि स्वाधीनता की दास्तान पुस्तक भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक दस्तावेज़ है। यह पुस्तक केवल आज़ादी के संघर्ष का इतिहास नहीं, बल्कि उस दौर की राष्ट्रीय चेतना, सामाजिक जागरण और राष्ट्र निर्माण की विचारधारा का भी प्रामाणिक चित्र प्रस्तुत करती है। उन्होंने कहा कि ऐसे शोधपरक साहित्य से नई पीढ़ी स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, संघर्ष और बलिदान से प्रेरणा प्राप्त करेगी तथा राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को बेहतर ढंग से समझ सकेगी। उन्होंने लेखक धर्मपाल गाँधी के शोधपूर्ण प्रयासों की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह पुस्तक इतिहास प्रेमियों, विद्यार्थियों, शोधार्थियों और सामान्य पाठकों के लिए समान रूप से उपयोगी सिद्ध होगी। इस अवसर पर शिक्षाविद एवं सामाजिक कार्यकर्ता मनजीत सिंह तंवर ने कहा कि स्वाधीनता की दास्तान पुस्तक राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के नेतृत्व में संचालित राष्ट्रीय आंदोलनों तथा भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की प्रमुख घटनाओं पर आधारित एक महत्वपूर्ण शोधपरक कृति है। इसमें ऐतिहासिक तथ्यों और प्रामाणिक स्रोतों के आधार पर स्वतंत्रता आंदोलन के विभिन्न चरणों को सरल एवं क्रमबद्ध रूप में प्रस्तुत किया गया है। पुस्तक में किसानों, मजदूरों, दलितों, वंचितों एवं शोषित वर्ग के उत्थान के लिए महात्मा गाँधी द्वारा किए गए प्रयासों के साथ-साथ शिक्षा, स्वच्छता, हिन्दू-मुस्लिम एकता, छुआछूत उन्मूलन, महिला उत्थान, ग्राम स्वराज और सामाजिक समरसता जैसे विषयों को भी समाहित किया गया है। उन्होंने बताया कि स्वाधीनता की दास्तान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम पर लेखक धर्मपाल गाँधी की छठी पुस्तक है, जिसका संपादन अंजू गाँधी ने किया है। इससे पूर्व उनकी पुस्तकें हिन्द की क्रांतिकारी बेटियां, आजादी के दीवाने, क्रांति का आग़ाज़, आजादी की राहों में तथा इन्कलाब प्रकाशित होकर व्यापक सराहना प्राप्त कर चुकी हैं। लेखक धर्मपाल गाँधी लंबे समय से भारतीय स्वतंत्रता संग्राम, महात्मा गांधी के नेतृत्व में चले आंदोलनों तथा स्वतंत्रता संग्राम के गुमनाम नायकों पर शोध कर रहे हैं। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने विश्वास व्यक्त किया कि स्वाधीनता की दास्तान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अध्ययन में एक महत्वपूर्ण संदर्भ ग्रंथ के रूप में स्थापित होगी तथा विद्यार्थियों, शोधार्थियों और इतिहास के गंभीर अध्येताओं के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।
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